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उदयपुर में यहां सवारियों से भरी बस पलटी, बस और यात्रियों का हुआ ये हाल, देखें वीडियो

उदयपुर- बारिश से सड़क के पास चिकनी मिट्टी होने से मिनी बस का संतुलन बिगड़ गया और रोड के पास पलट गई।
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उदयपुर

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Jyoti Jain

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Updated: 28 Jun 2018, 12:32 PM IST

mini bus accident in vallabhnagar udaipur

उदयपुर में यहां सवारियों से भरी बस पलटी, बस और यात्रियों का हुआ ये हाल, देखें वीडियो

हेमन्त आमेटा / उदयपुर- वल्लभनगर थाना क्षेत्र के वल्लभनगर उदयपुर मार्ग पर करणपुर के समीप राणा कुड़ी बस स्टैंड पर गुरुवार सुबह सवारियों से भरी एक मिनी बस संतुलन बिगड़ने से रोड के पास पलट गई। हादसे में करीब दर्जन भर लोग घायल हुए है। वल्लभनगर सीआई घनश्याम सिंह देवड़ा ने बताया कि वल्लभनगर उदयपुर मार्ग पर चलने वाली मिनी बस उदयपुर के लिए रवाना हुई। राणा कुड़ी बस स्टैंड के पास सामने से एक और बस आ रही थी।

इसी बीच मिनी बस चालक ने बस को रोड के नीचे उतारकर तेज रफ़्तार में ही सामने से आ रही बस को क्रॉस करना चाहा लेकिन बारिश से सड़क के पास चिकनी मिट्टी होने से मिनी बस का संतुलन बिगड़ गया और रोड के पास पलट गई। इसकी सूचना पर वल्लभनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और वल्लभनगर व खेरोदा 108 भी मौके पर पहुंची।

पुलिस से सभी घायलों को 108 से वल्लभनगर सीएचसी पहुंचाया। वल्लभनगर सीएचसी पर डॉ. अरविन्द बागोरा व टीम द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। सूचना पर सैकड़ो लोग इकट्ठा हो गए। एम्बुलेंस के पहुँचने तक कुछ घायलों को निजी वाहनों से उदयपूर चिकित्सालय ले जाया गया। बस में अधितकर काम करने वाले श्रमिक ही सवार थे जो काम करने के लिए उदयपुर जा रहे थे।

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उदयपुर/कोटड़ा। माना कि परम्पराएं अपनी जगह है, लेकिन शव की इतनी बेकद्री तो नहीं करें। संवेदनाएं यहां के अफसरों व जनप्रतिनिधियों की भी मर गई है तभी तो उदयपुर के कोटड़ा के वागावत गांव में पांच दिन से युवक का शव खुले में पड़ा है। बारिश से शव भीग रहा है,लेकिन किसी को परवाह नहीं। मौताणे को लेकर सहमति नहीं बनने से लोग शव का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे हैं, वहीं प्रशासनिक अमला भी कमजोर पड़ गया। राज्य मानवाधिकार आयोग ने हालांकि इस ढिलाई पर गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक से स्पष्टीकरण मांग लिया है। आयोग ने कहा कि आनंदपाल प्रकरण में निर्देश देने के बावजूद सरकार ने मौताणे की मांग करने वालों से अंतिम संस्कार को लेकर बात क्यों नहीं की? आयोग ने स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर यह आदेश दिया है।