
उदयपुर. राजस्थान से लगभग 4500 मील दूर बैठे लंदन में भी अगर राजस्थान का स्वाद और अपणायत मिल जाए तो देश की याद आना स्वाभाविक है। कोरोना के इस मुश्किल दौर में काफी लंबे समय से विदेशों में रह रहे भारतीय भी अपने शहर व गांव नहीं लौट पाए हैं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद होने से कई परिवार, जो वर्ष में एक या दो बार अपनों से मिलने और अपनी मिट्टी की सुगंध लेने यहां पहुंचते थे, वे यहां नहीं पहुंच पाए। ऐसे में शहर के कुछ एनआरआईज ने विदेश में ही राजस्थान की खुशबू महका दी और व्यंजनों का स्वाद सभी को चखा दिया।
एनआरआई राजस्थानी परिवारों ने फेस्ट में लिया भाग
राजस्थान एसोसिएशन यूके के मूल रूप से उदयपुर के रहने वाले हरेंद्रसिंह जोधा ने बताया कि लंदन में कई राजस्थानी रहते हैं, जो लॉकडाउन व कोरोना के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हो जाने से अपने देश नहीं जा पाए। ऐसे में उन लोगों को उस तनाव से बाहर लाने व अपने देश के स्वाद का आनंद यही उठाने के लिए एसोसिएशन की ओर से मिर्चीबड़ा फेस्ट का आयोजन किया गया। राजस्थान एसोसिएशन यूके ने फेसबुक पेज पर इस मिर्चीबड़ा फेस्ट के बारे में पोस्ट किया और देखते ही देखते सैकड़ों राजस्थानी परिवारों ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया। फिर प्रतिभागियों ने मिर्चीबड़ा बनाने की पूरी प्रक्रिया को लाइव किया। इस दौरान उनका उत्साह देखते ही बनता था।
जरूरतमंदों तक पहुंचाई राहत
जोधा ने बताया कि फेस्ट में तैयार किए गएमिर्चीबड़े के साथ मीठी बूंदी के पैकेट्स पूरे लंदन और इसके आस-पास के शहरों ऑक्सफोर्ड, कैंब्रिज , सविनडन, स्लॉ, विंडसर, कोलचेस्टर, केंट, क्रोयडन आदि में भी वितरित किए गए। ये पैकेट्स कुछ चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशंस को भी पहुंचाए गए, जिसे जरूरतमंदों को दिए गए। इस कार्य में मास्टर शेफ रवि, आनंद, प्रेम, राजीव, नरेंद्र के अलावा राजीव खिचर, अनुभव चौधरी, रवि, कुलदीप शेखावत, आलोक शर्मा, सोहन चौधरी, राम प्रकाश सोनी, सृष्टि भाटी, सृष्टि अग्रवाल आदि का सहयोग रहा। जोधा ने बताया कि राजस्थान एसोसिएशन यूके ने कोरोना महामारी से हुए लॉकडाउन के दौरान लगभग 3,950 से ज्यादा खाने के टिफिन और 400 से ज्यादा राशन सामग्री विद्यार्थियों, कोरोना से संक्रमित परिवार, वृद्धाश्रम और अस्पताल में वितरित किए।
Updated on:
21 Jul 2021 04:50 pm
Published on:
21 Jul 2021 04:18 pm
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