
उदयपुर . मोहनलाल सुखाडिय़ा विवि में 103 शैक्षणिक व 55 अशैक्षणिक पदों पर भर्ती को लेकर लगे आरोपों को नकारते हुए कुलपति जेपी शर्मा ने कहा कि जिस अभ्यर्थी के 75 में से 75 अंक आए हैं, उस मामले में अज्ञात के खिलाफ विवि की ओर से एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है।
शर्मा ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कुछ लोग विवि के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं। ऐसे काम कर वे समाज और सरकार को गुमराह कर रहे हैं। मामले की जांच के बाद में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि संस्कृत सहित कुछ विषय ऐसे हैं, जिनमें अभ्यर्थियों के 100 में से 100 अंक आ सकते हैं। ऐसे में जांच ही उनकी हकीकत जानने का जरिया है।
चुनाव तक टालना चाहते हैं भर्ती
कुलपति शर्मा और रजिस्ट्रार एचएस भाटी ने कहा कि एक समूह विशेष, अलग विचारधारा रखने वाले लोग एवं इन पदों के लिए अयोग्य समूह अव्यावहारिक, तथ्यहीन, आधारहीन बातों को प्रचारित करवा लोगों को भ्रमित कर रहे हैं। इनका प्रयास है कि किसी तरह आगामी चुनाव तक भर्तियां रोकी जाए। विवि ने सभी आरोपों को दरकिनार किया।
रोस्टर के आधार पर ही भर्ती
कुलपति ने बताया कि पद रिक्त होने के कारण विवि के कार्य संचालन में कठिनाइयां हो रही थी। सरकार से बार-बार आग्रह के बाद 25 प्रतिशत पदों को भरने की स्वीकृति मिली है। भर्ती के लिए विवि ने वरिष्ठ आचार्य, कुलसचिव, वित्त नियंत्रक व समस्त वर्ग के प्रतिनिधि की सदस्यता वाली समिति का गठन कर सरकार के निर्देश पर रोस्टर का निर्धारण किया गया और इसी आधार पर भर्ती प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
विधिक राय के लिए भेजी पत्रावली
क्लर्क ग्रेड द्वितीय के प्रथम चरण में 75 में से 75 अंक आने के मामले में विवि ने प्रारंभिक जांच कर अग्रिम कार्रवाई के लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता को विधिक राय के लिए पत्रावली भेजी गई है। इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों ने उच्च न्यायालय जोधपुर में वाद दायर किया है, इसके लिए विवि अधिवक्ता से अपना पक्ष न्यायालय के समक्ष रखा है।
स्वार्थ के लिए सूटा के नाम का इस्तेमाल
इधर, प्राध्यापकों के प्रतिनिधि मंडल ने कुलपति शर्मा को ज्ञापन सौंपकर सूटा (सुखाडिय़ा विवि शिक्षक संघ) के नाम का इस्तेमाल करने वालों पर आपत्ति जताई है। प्रतिनिधि मंडल में डॉ नीता त्रिवेदी, डॉ डोली मोगरा, डॉ विनीत सोनी, डॉ अजीत कुमार, डॉ आशीष सिसोदिया व डॉ पीयूष भादविया आदि शामिल थे। इसमें उल्लेख है कि विवि में शिक्षकों की ओर से इस प्रकार कोई वैधानिक संगठन नहीं बनाया गया है। ज्ञापन पर करीब 52 शिक्षकों ने हस्ताक्षर किए हैं।
Published on:
26 Apr 2018 03:52 pm
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