
सुविवि कुलपति और लॉ कॉलेज डीन में ठनी, छात्रों ने गार्ड से की बदतमीजी, पुलिस बुलानी पड़ी
उदयपुर. मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह और लॉ कॉलेज डीन डॉ. आनंद पालीवाल के बीच पिछले कुछ दिनों से चल रही अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई। दोनों ने एक-दूसरे पर कई तरह के आरोप जमकर लगाए हैं। सुबह कुलपति द्वारा डॉ. पालीवाल को स्पोट्र्स बोर्ड चेयरमैन पद से तथा डॉ. भीमराज पटेल को सेक्रेटरी पद हटा दिया। इस कार्यवाही के बाद शाम को कुलपति निवास पर पहुंचे कुछ छात्रों ने गार्ड से बदतमीजी व नारेबाजी कर दी। डीन ने इस घटनाक्रम से खुद को बेवजह घसीटने की बात कही है। इधर, जानकारी मिली कि शनिवार शाम को ही कुलपति राज्यपाल से मिलने के लिए जयपुर रवाना हो गए।
विश्वविद्यालय परिसर में यह मामला तब गरमाया, जब कुलपति प्रो. सिंह ने शाम को एक बयान जारी कर डॉ. आनंद पालीवाल पर छात्रों के जरिये डराने-धमकाने का आरोप लगाया। बताया कि लॉ कॉलेज के सामने स्थित उनके निवास पर कुछ छात्र पहुंचे, नारेबाजी की, गार्ड से धक्का-मुक्की और बदतमीजी की। वीसी ने एसपी को फोन करके पुलिस बुला ली। इससे पहले सुबह डॉ. पालीवाल को उन्होंने स्पोट्र्स बोर्ड अध्यक्ष पद से हटाते हुए छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. पीएम यादव को यह प्रभार सौंप दिया। इसे लेकर कुलपति का कहना था कि यूनिवर्सिटी में वर्ष 2018 की भर्ती में सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा की नियुक्ति की निष्पक्ष तरीके से जांच कराने को लेकर यह निर्णय लिया। ज्ञात हो, सहायक निदेशक शारीरिक शिक्षा के दो पदों पर भर्ती की जांच लोकायुक्त द्वारा की जा रही है। इस मामले में विवि की ओर से गठित 5 सदस्यीय कमेटी भी जांच कर रही है। कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के एक्ट-1980 की धारा 39-1 (2) के तहत क्रीड़ामंडल का प्रभार यादव को और सचिव का दायित्व डॉ. गिरिराज सिंह चौहान को दिया है। इधर, डराने-धमकाने को लेकर पुलिस में मामला दर्ज कराने के सवाल पर कुलपति ने कहा कि यह कदम जल्दबाजी होगी। शिक्षक हैं, अगर पढ़ाने का कार्य शांति से करें और हमारे कार्यों में दखल न दें तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। हम सुधार का मौका देंगे। अगर हम कोई गलत काम कर रहे हैं तो खुलकर सार्वजनिक रूप से बताएं। हम एक्ट के हिसाब से काम कर रहे हैं।
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2018 में कुलपति और रजिस्ट्रार में हुआ था विवाद
संभाग के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान सुखाडिय़ा विवि से विवादों का पुराना नाता रहा है। 2018 में तत्कालीन कुलपति प्रो. जेपी शर्मा और रजिस्ट्रार हिम्मत सिंह भाटी के बीच भी तल्खियां रही। विवाद नॉन टीचिंग स्टॉफ की भर्ती को लेकर हुआ था। मामला बढऩे पर वीसी शर्मा ने रजिस्ट्रार हिम्मत सिंह भाटी को कार्यमुक्त कर दिया था। उन्होंने रजिस्ट्रार का कार्यभार प्रो. जी. सोरल को सौंप दिया था और उन्होंने कार्यभार संभाल भी लिया था।
Published on:
20 Sept 2020 06:15 pm
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