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रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर भी होगा शिक्षण

अंतिम सेमेस्टर आवेदन प्रक्रिया शुरू, प्रथम वर्ष की ऑफलाइन काउंसिलिंग कल से

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रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर भी होगा शिक्षण

रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर भी होगा शिक्षण

उदयपुर. सुविवि नई शिक्षा नीति के अनुरूप रेगुलर के साथ वोकेशनल मोड पर शिक्षण कार्य शुरू करवाने के प्रति गंभीर है। इस दिशा में शीघ्र ही योजना लाई जाएगी ताकि विद्यार्थियों को रोजगार परक शिक्षा की ओर प्रवृत्त किया जा सके। प्रवक्ता डॉ. कुंजन आचार्य ने बताया कि नई शिक्षा नीति आउटकम बेस्ड एजुकेशन पर आधारित है। इसमें विद्यार्थी को इच्छानुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान की जाती है। नए दौर में कागजी डिग्री के साथी रोजगार परक एवं स्किल डेवलपमेंट वाली शिक्षा का प्रबंध भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसी के तहत विवि में रेगुलर के साथ वोकेशनल डिग्री मोड भी जल्द शुरू होगा। फिलहाल देश् में केवल 5 प्रतिशत विद्यार्थी वोकेशनल पाठ्यक्रमों में रुचि रखते हैं, जबकि साउथ कोरिया में 96, जर्मनी में 70, चाइना में 50, डेनमार्क में 40 फीसदी विद्यार्थी रुचि रखते हैं। योजना के तहत इतिहास का विद्यार्थी भौतिक शास्त्र पढऩा चाहे तो सुविधा प्राप्त होगी। इसके लिए विद्यार्थी का क्रेडिट बैंक तैयार होगा, जो उसकी प्रगति रिपोर्ट पर नजर रखेगा।
सुविवि में संचालित सेमेस्टर पाठ्यक्रमों के तहत अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाओं के ऑनलाइन आवेदन भरने के लिए वेबसाइट पर पोर्टल खोल दिया गया है। उच्चतम न्यायालय के आदेशनुसार और राज्य सरकार के निर्देशानुसार अंतिम वर्ष की परीक्षाएं करवाई जाएगी। वार्षिक पेटर्न की परीक्षाएं 17 सितंबर से शुरु हो चुकी है। इसी क्रम में सेमेस्टर पेटर्न में अध्ययनरत नियमित विद्यार्थियों के लिए परीक्षा फॉर्म वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन भरने की प्रक्रिया शुरु हो गई है। इसमें करीब 45 सेमेस्टर-पाठ्यक्रम शामिल हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेश कुमावत के अनुसार अंतिम वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के तत्काल बाद सेमेस्टर परीक्षाएं शुरु करने की तैयारी की जाएगी।
सुविवि संघटक सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष पास कोर्स एवं आनर्स की ऑफलाइन काउंसलिंग कोविड गाइडलाइन के अनुरूप 24 से 30 सितम्बर तक होगी। इस वर्ष से अन्य विषयों के साथ बीए में पत्रकारिता एवं जनसंचार को ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल किया गया है। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी इस विषय को चुन सकते हैं। एकेडमिक कॉउंसिल में निर्णय के बाद विश्वविद्यालय में पहली बार यह विषय पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। डीन प्रो. सीमा मलिक ने बताया कि जिन विद्यार्थियों का पहली मेरिट लिस्ट में एडमिशन हो चुका है और फीस जमा कराने के लिए वेबसाइट पर अपलोड सूची में जिनका नाम है उनको छोड़कर वे विद्यार्थी जो अभी तके प्रवेश से वंचित है, लेकिन जिनका नाम वरीयता सूची में अंकित है, ऐसे विद्यार्थी काउंसलिंग में भाग ले पाएंगे। इन विद्यार्थियों को विषय की उपलब्धता के हिसाब से वरीयता क्रम के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। 24 से 30 सितंबर तक होने वाली ऑफलाइन काउंसलिंग के लिए वरियता क्रम के अनुसार तारीख और समय की विस्तृत सूचना वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसमें विद्यार्थी अपने प्रवेश आवेदन पत्र एवं शुल्क रसीद की हार्ड कॉपी के साथ दसवीं एवं बारहवी की अंकतालिका, गेप सर्टिफिकेट एवं ओबीसी नॉनक्रीमीलेयर का नवीनतम प्रमाण पत्र साथ लेकर आएं। इस वर्ष से अन्य विषयों के साथ बीए में पत्रकारिता एवं जनसंचार को ऐच्छिक विषय के तौर पर शामिल कर लिया गया है। काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थी विभिन्न विषय समूहों में से इस विषय को चुन कर अपने तीन विषयों में शामिल कर सकते हैं। स्ववित्तपोषी पाठ्यक्रम में प्रवेश के विद्यार्थियों को भी इसी मेरिट लिस्ट के अनुसार शामिल किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी मेल करके ऑनलाइन प्रवेश ले सकते हैं।