
भूपेंद्र सरवर/झल्लारा. तीन विमंदित बेटों की वृद्ध मां के हृदय रोग का उपचार नहीं होने का मामला प्रकाश में आने के बाद हर ओर हलचल शुरू हो गई है। राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद एक ओर लोगों ने आर्थिक मदद देना शुरू कर दिया है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा विभाग ने एएनएम को वृद्धा के घर भेजकर रिपोर्ट मांगी। अब चिकित्सा विभाग ने उपचार कराने की बात कही है।
विधवा पेंशन से मिलने वाली राशि से तीन विमंदित बेटों के साथ गुजारा कर रही वृद्धा करांकला गांव की कनुबाई गर्ग को हाल ही में हृदय रोग हो गया। उपचार के लिए सक्षम नहीं होने के साथ ही सरकार के साथ ही किसी तरह की मदद नहीं मिल रही थी। इस सम्बन्ध में राजस्थान पत्रिका ने बुधवार के अंक में खबर ‘पेंशन से तीन विमंदित बेटों को पाल रही मां को हृदय रोग’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। जिसमें वृद्धा को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाने के साथ ही उपचार में भारी खर्च के कारण परेशानी उजागर की। खबर प्रकाशित होने के बाद आखिर चिकित्सा विभाग जागा। ब्लॉक चिकित्सा प्रभारी के निर्देश पर करांकला एएनएम को पीडि़ता के घर भेजा गया। एएनएम से रिपोर्ट मांगी गई है।
भामाशाहों ने की मदद
लाचार कनुबाई को हृदय रोग की खबर पढकऱ लोग आर्थिक मदद को आगे आने लगे हैं। बुधवार को राजस्थान पत्रिका उदयपुर कार्यालय में पहुंचे प्रवीण नाहर ने 21 हजार और कुलदीपसिंह सोलंकी ने 1100 रुपए, उदयपुर के ट्यूरिस्ट गाइड रणविजय सिंह ने 3000 रूपए की आर्थिक सहायता दी है। सलूम्बर के एक गु्रप ने 5000 रूपए का
सहयोग दिया।
करवाएंगे उपचार
भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से उपचार करवा देंगे। उपचार में जो भी खर्च आएगा, वह योजना के माध्यम से हो जाएगा। हमने इलाज को लेकर गीतांजली अस्पताल में बता कर ली है। एएनएम को भेजकर सूचना करवा दी है। अगर उदयपुर में ईलाज संभव नहीं हुआ तो नारायण हृदयालय अस्पताल जयपुर में इलाज करवाएंगे। सरकारी सहायता के अलावा, व्यक्तिगत तौर पर भी मदद कराएंगे।
गजानंद गुप्ता, बीसीएमओ, सलूम्बर
Published on:
17 May 2018 01:12 pm
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