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सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में लगा न्यूरो नेविगेशन सिस्टम, ब्रेन ट्यूमर तक पहुंचने में डॉक्टर्स को होगी आसानी

- प्रदेश का तीसरा सिस्टम लगा न्यूरो सर्जरी विभाग में - पहले ही दिन 65 वर्षीय मरीज के ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन

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सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में लगा न्यूरो नेविगेशन सिस्टम, ब्रेन ट्यूमर तक पहुंचने में डॉक्टर्स को होगी आसानी

सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में लगा न्यूरो नेविगेशन सिस्टम, ब्रेन ट्यूमर तक पहुंचने में डॉक्टर्स को होगी आसानी

आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अन्तर्गत आने वाले सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में प्रदेश का तीसरा न्यूरो नेविगेशन सिस्टम लगाया गया है। ये ऐसी मशीन है जो मरीज के दिमाग के ट्यूमर तक चिकित्सक को पहुंचने में ना केवल मदद करती है, बल्कि मरीज की सुरक्षा भी इससे बढ़ती है और वह जल्द से जल्द ठीक हो जाता है। डेढ करोड़ की ये मशीन सरकारी हॉस्पिटलों में एसएमएस जयपुर व एम्स जोधपुर के बाद उदयपुर में लगी है। खास बात ये है कि प्रदेश के अधिकांश प्राइवेट हॉस्पिटल व मेडिकल कॉलेजों में भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

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लगते ही ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशनइस मशीन के विभाग में पहुंचते ही इसकी मदद से डिपार्टमेंट ऑफ न्यूरो सर्जरी में जटिल ब्रेन ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया। शक्तिनगर निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति का पहला सफल ऑपरेशन इस मशीन की मदद से हुआ है। ये मरीज बीते 15 दिन से भर्ती थे। ऑपरेशन के दौरान डॉ.गौरव जायसवाल व डॉ विष्णु लोहार मौजूद थे। जब मशीन का इस्टॉलेशन किया गया, तब एसएसएच अधीक्षक डॉ.विपिन माथुर व एमबी अधीक्षक डॉ आरएल सुमन मौजूद थे।

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मशीन ऐसे करती है कार्य

जैसे गूगल नेविगेशन कार्य करता है, ठीक इसी तरह ये मशीन कार्य करती है। चिकित्सक के उपकरणों को मरीज के मस्तिष्क के ट्यूमर के तय स्थान तक पहुंचाती है। इसके लिए पहले एमआरआई की जाती है, उसकी सीडी तैयार करने के बाद न्यूरो नेविगेशन मशीन में इसे डाला जाता है, इस मशीन से ये पता चलता है कि हम ट्यूमर के अन्दर तक पहुंच गए। मशीन के मॉनिटर पर ऑपरेशन से जुड़ा सब कुछ नजर आता है।

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हमारे यहां मरीजों की बेहतरी के लिए नई मशीन लगाई गई है। सरकारी हॉस्पिटलों में अपना हॉस्पिटल तीसरा है, जहां ये सुविधा शुरू हुई है, इससे मरीजों को काफी लाभ मिलेगा। चिकित्सकों के लिए भी राह आसान होगी।डॉ. विपिन माथुर, अधीक्षक, सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल उयदपुर

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मशीन आने के साथ ही हमने मरीज के ब्रेन ट्यूमर का इसकी मदद से जटिल ऑपरेशन किया है, जो सफल हुआ है और इस मशीन से उसकी सुरक्षा भी बेहतर है।

डॉ गौरव जायसवाल, विभागाध्यक्ष, न्यूरो सर्जरी