New Education Policy 2020 , MLSU नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार स्नातक स्तर के विषयों में सेमेस्टर सिस्टम से होगी पढ़ाई, सुखाडि़या विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में चल रही प्रवेश प्रक्रिया
नई शिक्षा नीति के तहत पहली बार बीए, बीकॉम, बीएससी में सेमेस्टर सिस्टम से पढ़ाई होगी। इस साल से मोहनलाल सुखाडि़या विवि के सभी संघटक कॉलेजों में ये व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब तक केवल कुछ कोर्सेज में ही सेमेस्टर सिस्टम था, लेकिन अब सभी स्नातक संकायों के लिए सेमेस्टर सिस्टम शुरू किया गया है। ऐसे में अब इसी सिस्टम के आधार पर परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। गौरतलब है कि अब तक केवल पीजी कोर्सेस और प्रोफेशनल कोर्सेस में सेमेस्टर सिस्टम लागू था।
पहले 1200 पर प्रवेश, इस साल केवल 800 पर, 400 सीटें कम
कॉमर्स कॉलेज के डीन प्रो. पीके सिंह ने बताया कि इस साल से सुविवि से संबद्ध सभी कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। बीकॉम तीन साल का ही है, लेकिन बीकॉम ऑनर्स दो कर दिए गए हैं, जो चार साल का है। इसमें एक सामान्य ऑनर्स और दूसरा रिसर्च ऑनर्स है। पहले सेल्फ फाइनेंस और कोर सीट्स को मिलाकर कुल 1200 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा था। इस साल ये घटाकर केवल 800 सीट्स कर दी गई हैं ताकि क्वालिटी बनी रहे।
ये है सेमेस्टर सिस्टम
सेमेस्टर सिस्टम में हर 6 महीने में परीक्षा होती है, यानी छात्र को वार्षिक परीक्षा प्रणाली की तुलना में कोर्स को विस्तार से समझने के लिए पर्याप्त समय मिलता है। एक्सपर्ट के मुताबिक इस पद्धति में छात्र पर कम बोझ होता है। छह माह की पढ़ाई के लिहाज से कोर्स कम रहता है, छात्र पूरा फोकस कर सकते हैं। सेमेस्टर सिस्टम में प्रोफेसर आसानी से मूल्यांकन कर पाते हैं। यही नहीं 3 साल में सेमेस्टर की छह परीक्षाओं के परिणाम जोड़कर ग्रेजुएशन के नतीजे आएंगे, जो छात्र की योग्यता के ज्यादा अनुरूप हो सकते हैं।
पहले इन कोर्सेस में था सेमेस्टर सिस्टम -
एमकॉम, बीबीए, बीवॉक, बीकॉम ऑनर्स और प्रोफेशनल कोर्सेज जैसे एमएचआरएम, एआइबी, एमए, एमएससी
इनका कहना है..
इस साल से बीए में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया गया है। पास कोर्स 730 और सेल्फ फाइनेंस की कुल 700 सीटों पर यानी लगभग 1430 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। काउंसलिंग प्रक्रिया 20-21 जुलाई से शुरू की जाएगी।
प्रो. सीआर सुथार, डीन आटर्स कॉलेज