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निर्जला एकादशी पर ठाकुरजी को धराया विशेष शृंगार, आसमान में उड़ीं पतंगें

मंदिरों में हुई पूजा-अर्चना, भगवान को धराया आम व अन्य फलों का भोग, व्रतधारियों ने निर्जल रहकर किया व्रत

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उदयपुर. ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर सोमवार को निर्जला एकादशी सादगी से मनाई गई। शहर के विभिन्न मंदिरों में इस दिन विशेष आयोजन हुए। मंदिर बंद रहने से भक्त भगवान के दर्शन नहीं कर पाए लेकिन द्वार पर ही शीश झुका अपने आराध्य को नमन किया। जगदीश मंदिर में सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई और ठाकुरजी को पंचामृत स्नान कराया गया। भगवान के विशेष शृंगार में केसरिया धोती और उपरणा की सेवा की गई। ठाकुरजी को विशेष टोपी मुकुट का शृंगार धराया गया। चारों प्रहर की आरती की गई। कोरोना संक्रमण के कारण मंदिर बंद होने से भक्तों का प्रवेश वर्जित रहा। ऐसे मेें भक्तों ने मंदिर के द्वार पर ही भगवान को फलों का भोग चढ़ाया। साथ ही परंपरानुसार पंखी भी चढ़ाई। वहीं, श्रीनाथजी मंदिर में ठाकुरजी को कलियों का विशेष शृंगार धराया गया।


पतंगबाजी से दिया कोरोना मुक्त भारत का संदेश

निर्जला एकादशी पर मेवाड़ में पतंगें उड़ाने की परंपरा है। ऐसे में इस दिन बच्चों व बड़ों ने जमकर पतंगबाजी का लुत्फ लिया। पर्व को देखते हुए शहर की पतंगों की दुकानें पहले ही सज गई थीं। कोरोना काल होने के कारण पिछले लोगों ने अपने-अपने घरों की छतों पर ही पतंगें उड़ाई। अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज स्व.अब्दुल मालिक की स्मृति में कोरोना मुक्त भारत 2021 की विशाल पतंग अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज सुहैल अहमद ने घर की छत से उड़ाई। उदयपुर काइट क्लब के सचिव मनोज आंचलिया ने बताया कि 7 बाय 7 फीट की पतंग उड़ाकर कोरोना से बचाव का संदेश दिया गया। इसके अलावा 50 पतंगों की ट्रेन, महाराणा प्रताप की शौर्य गाथा, 100 फीट का सांप की पतंग भी उड़ाई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज अब्दुल कादिर ने भी विभिन्न तरह की पतंगें उड़ाई।


ठाकुरजी का पूजन व अभिषेक

श्री नृसिंह द्वारा मीठाराम जी का मंदिर रावजी का हाटा में प्रात: ठाकुर जी को षोडशोपचार विधि एवं वैदिक मंत्रोच्चार से पूजन व अभिषेक के बाद विशेष शृंगार, धवल पोशाक धारण करवाए गए। धूप, दीप, नैवेद्य, फलाहारी एवं केरियों का भोग धराया गया। महंत हर्षितादास ने बताया कि महाआरती महंत रामचंद्र दास खाखी ने की।