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नहीं मिला सहयोग, फिनिशिंग स्कूल के निदेशक का इस्तीफा

- मोहनलाल सुखाडि़या विवि-कुलपति- स्कूल गुरु ने मांगे दस हजार-हमने दिए केवल ५५ बच्चे - नौकरी के लिए आवेदन करवाने के लिए  

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मोहनलाल सुखाडि़या विवि

मोहनलाल सुखाडि़या विवि

भुवनेश पण्ड्या

उदयपुर. मोहनलाल सुखाडि़या विवि में विद्यार्थियों को कई कंपनियों में नौकरी देने और आगे बढ़ाने के लिए शुरू किया गया फिनिशिंग स्कूल खुद अधर में है। इसलिए कि विवि प्रशासन के असहयोग से परेशान होकर स्कूल के निदेशक नीरज रावत ने कुलपति प्रो.जेपी शर्मा को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। रावत ने २४ अप्रेल को अपना एक पत्र एसएफए (सेल्फ फाइनेसिंग) बोर्ड के सचिव को भी भेजा है, इसमें रावत ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनुबंध इस काम के लिए बढ़ाना नहीं चाहते।
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फिनिशिंग स्कूल के हाल

मोहनलाल सुखाडि़या विवि में मार्च २०१८ में फिनिशिंग स्कूल की शुरुआत की गई थी। इसमें अभी तक करीब ५० विद्यार्थियों की विभिन्न कंपनियों में नौकरी हो चुकी है। न्यूनतम स्नातक स्तर की पढ़ाई कर कोई भी विद्यार्थी इस स्कूल के माध्यम से स्कूल गुरु के साथ जुड़कर नौकरी पा सकते थे, लेकिन फिलहाल विवि ही स्कूल गुरु को एेसे विद्यार्थी उपलब्ध नहीं करवा पा रहा है। इसमें रावत का कहना है कि स्कूल गुरु कंपनी के साथ अनुबंध तो फिनिशिंग स्कूल ने कर दिया, लेकिन हमें कोई सहयोग नहीं कर रहा। इतना ही नहीं सभी विभागाध्यक्ष यदि हमारे लिए कदम बढ़ाते तो यहां के कई बच्चों को खूब लाभ मिल जाता।
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स्कूल गुरु कंपनी से जो अनुबंध हुआ है इसके आधार पर फिनिशिंग स्कूल से स्कूल गुरु ने दस हजार विद्यार्थी मांगे थे, लेकिन अपनी स्कूल से केवल ५५ विद्यार्थी ही भेजे जा रहे हैं। स्कूल गुरु से हुए एमओयू के आधार पर टीम लीज इंडिया एम्प्लोयमेंट लिंक स्कूलिंग प्रोग्राम में विद्यार्थियों का पंजीयन होने पर नौकरी के लिए कंपनी काम करेगी। पंजीयन के लिए कोई भी विद्यार्थी एमएलएसयू की साइट पर २३६ रुपए खर्च कर आवेदन कर सकता है।
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दस करोड़ के प्रोजेक्ट मांगे थे इसका भी अटक गया

यूजीसी से दस करोड़ रुपए के बजट का प्रोजेक्ट मांगा गया था, इस पर फिनिशिंग स्कूल की ओर से डेढ़ करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार कर दिया, लेकिन इसे विवि ने आगे भेजा या नहीं इसकी जानकारी स्कूल को नहीं है, हालांकि अभी तक कोई राशि स्वीकृत नहीं हुई। एेसे में स्कूल का काम अटका हुआ है।

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मुझे काम में कोई सहयोग नहीं किया गया, प्रयास कर कुछ विद्यार्थियों को नौकरी के लिए आगे बढ़ाया, लेकिन अब तैयार प्रोजेक्ट भी अटका हुआ है। मैंने परेशान होकर अप्रेल में इस्तीफा दिया है, हालांकि इसकी चर्चा किसी से नहीं की थी, लेकिन असहयोग में काम करना मुश्किल है, इसलिए ये कदम उठाना पड़ा।

नीरज रावत, निदेशक फिनिशिंग स्कूल एमएलएसयू

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अभी तो रावत बाहर गए हुए हैं, ३१ मई को उनका अनुबंध भी पूरा हो रहा है। फिनिशिंग स्कूल के लिए अब हम फिर से आवेदन आमंत्रित करेंगे।

प्रो जेपी शर्मा, कुलपति एमएलएसयू