
अगर आप परीक्षार्थी हैं और आने वाली भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं तो अब एक नया बदलाव इन परीक्षाओं के प्रश्न-पत्र में देखने को मिलेगा। दरअसल, राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित भर्ती परीक्षाओं में अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न-पत्र व ओएमआर शीट में 5 वां विकल्प भी दिया जाएगा। यदि अभ्यर्थी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है तो उसे पांचवे विकल्प का चयन करना होगा।
पांचों विकल्प का चयन न करने पर कटेंगे अंक
आरपीएससी ने इस संबंध में सूचना जारी की है। इसके तहत आगामी भर्ती परीक्षाओं से पांचवें विकल्प की शुरुआत हो जाएगी। इसमें प्रत्येक प्रश्न के 5 विकल्प दिए जाएंगे। अभ्यर्थी यदि किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहता है तो उसे पांचवां विकल्प भरना होगा। इन पांचों में से ही किसी भी विकल्प का चयन न करने पर प्रति प्रश्न 1/3 अंक काटे जाएंगे।
10 प्रतिशत प्रश्नों में यदि पांचवां विकल्प नहीं भरेंगे तो होंगे डिसक्वालिफाइ
अभ्यर्थियों को पांचवां विकल्प को भी गंभीरता से लेना होगा क्योंकि यदि 10 प्रतिशत प्रश्नों में पांचवां विकल्प नहीं भरा होगा तो परीक्षार्थी डिसक्वालिफाइ कर दिया जाएगा। परीक्षा समाप्ति पर पूरी ओएमआर शीट वीक्षक को सौंपनी होगी। वीक्षक इसकी मूल प्रति को स्वयं के पास जमा कर कार्बन प्रति को सावधानीपूर्वक अलग करते हुए परीक्षार्थी को देंगे। इस कार्बन प्रति को परीक्षार्थी अपने साथ ले जा सकेगा। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने तक परीक्षार्थी को इस कार्बन प्रति को सुरक्षित रखना होगा एवं आयोग द्वारा मांगने पर प्रस्तुत करना होगा।
आगामी इन भर्ती परीक्षाओं में लागू होगा पांचवें विकल्प का नियम -
- सहायक आचार्य
- राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा
- कनिष्ठ विधि अधिकारी
- खोज एवं उत्खनन अधिकारी तथा संग्रहाध्यक्ष
- सहायक अभियंता अभियांत्रिकी
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बेहतरीन शुरुआत
आरपीएससी की ओर से आरएएस प्री परीक्षा से ओएमआर शीट में उत्तर का पांचवां विकल्प दिया जाना बेहतरीन शुरुआत है। इससे भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा। आमतौर पर ओएमआर शीट को बदल दिया जाना, ओएमआर शीट को परीक्षा हॉल में खाली छोड़कर बाद में मिलीभगत से सही ऑप्शन भरने जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। अब अभ्यर्थियों को किसी प्रश्न को अटेम्प्ट नहीं करने की स्थिति में उससे संबंधित पांचवें ऑप्शन वाले सर्कल को परीक्षा हॉल में ही भरना पड़ेगा। इसके लिए अभ्यर्थी को अतिरिक्त समय भी मिलेगा। इस नियम का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थी परीक्षा से डिबार हो सकता है। इस पहल से आरपीएससी की विश्वसनीयता बढ़ेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता भी कायम हो सकेगी।
- संजय लूणावत, भर्ती परीक्षा विशेषज्ञ
Updated on:
13 Sept 2023 10:39 pm
Published on:
13 Sept 2023 10:33 pm
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