
अब रेगिस्तानी क्षेत्रों में खूब पैदा हो रहा अनार, जगह-जगह बिक रहा
उदयपुर. राजस्थान और गुजरात के रेगिस्तानी क्षेत्रों में पानी आने से यहां अनार की खेती होने लगी है। करीब दस साल पूर्व तक देश के अन्य क्षेत्रों से अनार मंगवाए जाते थे। जो अब गुजरात और राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों से भी आने लगे हैं। इन दिनों बाजार में जगह-जगह अनार की बिक्री हो रही है। बड़ी मात्रा में अनार आने से ये 40 से लेकर 100 रुपए तक बिक रहे हैं।
फल विक्रेता सुनील भाई ने बताया कि दस साल पहले उदयपुर में नासिक और सोलापुर आदि क्षेत्रों से ही अनार आते थे। कच्छ, भूज से लेकर बाड़मेर, जैसलमेर आदि क्षेत्रों में पानी पहुंचने के बाद वहां भी अनार की खेती होने लगी। ऐसे में गत 10 साल से इस क्षेत्र से भी अनार की आवक होने लगी है। गत कुछ वर्षों से इन क्षेत्रों के अनार एक्सपोर्ट भी होने लगे हैं। इन दिनों उदयपुर में प्रतिदिन 15 से 20 टन अनार की बिक्री हो रही है।
20 से 80 रुपए किलो तक आ रहा अनार
अनार तीन-चार कैटेेगरी में आता है। ए कैटेगरी के अनार की होलसेल रेट 70 से 80 रुपए किलो चल रही है। वहीं बी, सी और डी कैटेगरी के अनार की होलसेल रेट 20 रुपए से 50 रुपए तक है। बाजार में अनार 30 रुपए से 120 रुपए किलो तक बिक रहा है।इन दिनों बाजार में बड़ी मात्रा में अनार की बिक्री हो रही है। अच्छी आवक होने के चलते प्रमुख मार्गों, चौराहाें आदि पर ठेलों में भी अनार बेचे जा रहे हैं।
अनार खाने से होते हैं कई लाभ
अनार खाने से कई रोगों से बचाव होता है। अनार दाना अल्जाइमर रोग को बढ़ने से रोकता है, याददाश्त को बनाए रखने में भी अच्छे रहते हैं। अनार का जूस आंतों की सूजन को कम करके पाचन में सुधार करता है। अनार का जूस जोड़ों के दर्द, अन्य प्रकार की गठिया के दर्द व सूजन में फायदेमंद होता है। इसमें विटामिन सी और बी, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फास्फोरस, सेलेनियम और जिंक होता है। इसका सेवन सीमित मात्रा में चिकित्सकों की राय से करना चाहिए।
Published on:
19 Jan 2024 09:42 pm
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