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उदयपुर में यहां जमरा बिज पर चढ़ी किन्नरों की बारात, लोकगीतों पर जमकर थिरके किन्नर

होली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को देखने उमड़ी भीड़

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#KhulkeKheloHoli: राजस्थान में यहां नही खेलते धूलण्डी पर रंगों की होली

हेमन्त गगन आमेटा/वल्लभनगर. उदयपुर जिले के वल्लभनगर कसबे में रंगो के पर्व होली के त्यौहार के अवसर जमरा बीज पर मान्यता के अनुसार कबूतर चौक में इलाजी बावजी के स्थानक पर किन्नरों की बारात चढ़ी। जिसमे किन्नर पारम्परिक परिधानों में देर रात तक होली के लोकगीतों सहित विभिन्न गानों पर देर रात तक जमकर थिरके। इस आयोजन को देखने वल्लभनगर उपखण्ड क्षेत्र के कई गांवो व कसबो से हजारो की संख्या में भीड़ जमा रही। इससे पूर्व वल्लभनगर कसबे से सर्व समाज के लोग गाजे बाजे और ढोल नंगाडौ के साथ किन्नर राणी बाई के निवास स्थान पर पहुचे और राणी बाई सहित उनके सहयोगियो को बारात संजाकर कबूतर चौक में इलाजी बावजी के यहां लोक गीतों पर लोकनृत्य करते हुए आने का निमंत्रण दिया। यह सिलसिला तीन बार चला और तीसरे व अंतिम निमंत्रण पर किन्नर राणी बाई अपने सहयोगी किन्नरों के साथ कसबे के लोग जिस रास्ते से उनको निमंत्रण देने गए उसके विपरीत दिशा में विशेष वेशभूषा में होली के गीतों की प्रस्तुति देने के लिए कबूतर चौक स्थित इलाजी बावजी के आगे नाचते गाते हुए पहुचे। यहां पर ग्रामवासियो द्वारा इलाजी बावजी की विशेष पूजा अर्चना करने के बाद बावजी पर गुलाल व अभिर फूलो से वर्षा कर फाग खेलाइ गई। इसके बाद कबूतर चौक में किन्नरों द्वारा इलाजी बावजी को नमन करते हुए होली के लोक गीतों पर नृत्यों की प्रस्तुतियां शुरू हुई जो देर रात तक जारी रही।

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जिसमे किन्नरों द्वारा पारम्परिक होली के गीतों, राजस्थानी गीतों के साथ बॉलीबुड गीतों पर नृत्य करते हुए उत्साह के साथ होली के त्यौहार को मनाया गया। इस आयोजन को देखने के लिए वल्लभनगर सहित भटेवर, करणपुर, नवानिया, रुन्डेडा, तारावट, मोरजाई, धमानिया, रणछोडपुरा सहित विभिन्न गाँवो से लोगो की भीड देर रात तक कबूतर चौक में जमा रही। इस आयोजन को लेकर कसबे के बाजारों में विद्युत सज्जा से आकर्षक सजावट की गई।