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उदयपुर में पासपोर्ट सेवा केन्द्र लोकार्पण को तैयार, अब तो हद हो गई, नहीं कट रहा फीता

शहर में बहुप्रतीक्षित पासपोर्ट सेवा केन्द्र के तकनीकी संसाधनों व आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाने के बावजूद इसके लोकार्पण की घड़ी अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।

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Madhulika Singh

May 08, 2017

Passport Service Center

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शहर में बहुप्रतीक्षित पासपोर्ट सेवा केन्द्र के तकनीकी संसाधनों व आधुनिक सुविधाओं से लैस हो जाने के बावजूद इसके लोकार्पण की घड़ी अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है। उद्घाटन को लेकर खींचतान के चलते उदयपुर संभाग के वांशिदें इस सुविधा से वंचित होकर जयपुर व जोधपुर के फेरे लगाने को मजबूर हैं।

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पूर्व में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के अचानक बीमार होने पर उन्होंने उद्घाटन के लिए अपने सहयोगी विदेश राज्यमंत्री वी.के.सिंह को अधिकृत किया। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय में लोकार्पण के लिए पत्र भी भेजा गया लेकिन सचिवालय ने अब तक तिथि तय कर विदेश मंत्रालय को नहीं बताई गई। गौरतलब है कि सुभाषनगर पाठों की मगरी में नवनिर्मित पीएसके का पहले 3 मार्च व बाद में 25 मार्च को उद्घाटन होना था, लेकिन अब तक उसका फीता नहीं कटा। हाल में सांसद मीणा ने अपे्रल के अंतिम सप्ताह में उद्घाटन की बात कही थी लेकिन वह भी अब टल गई। एक जून 2015 को केन्द्र सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों को जनता को बताने के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के उदयपुर प्रवास के दौरान गृहमंंत्री गुलाबचंद कटारिया व महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने उन्हें उदयपुर में पीएसके सौंपने की डीपीआर सौंपी थी।

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विदेश मंत्री ने हकीकत जानकार हाथोंहाथ उदयपुर में पीएसके खोले जाने के बाद घोषणा कर दी। घोषणा के बाद प्रस्ताव मंत्रालय में विचाराधीन रहा, सांसद अर्जुन मीणा ने लगातार मांग की और फरवरी 2016 में मंत्रालय द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी। अब भवन बनकर तैयार होने के बावजूद संभाग भर की जनता उद्घाटन का इंतजार कर रही है। बच्चे, बुजुर्ग व महिलाओं सहित संभाग से लगभग 200 आवेदक प्रतिदिन जयपुर व जोधपुर जा रहे हैं।

काम की गति भी पड़ी धीमी

पीएसके के उद्घाटन की तारीख बार-बार स्थगित होने से निगम की ओर से भवन में करवाए जा रहे शेष कार्यों की गति धीमी हो चुकी है। निगम ने मंत्रालय के अधिकारियों को आश्वास्त किया था कि वे समस्त कार्य 25 अपे्रल तक पूरा कर देंगे, लेकिन अब तक लिफ्ट सुविधा, आगुन्तकों के बैठने के दौरान शेड व पीने के पानी की व्यवस्था भी पूरी नहीं हो पाई।

पीओ पीएसके हुए शुरू

मंत्रालय की ओर से राज्य में पीओ पीएसके की घोषणा व अनुमोदन होने के बाद जैसलमेर, कोटा, बीकानेर, झालावाड़, झुंझुनूं में भी वे शुरू भी हो चुके हैं। जैसलमेर प्रधान डाकघर में चल रहे पीओ पीएसके में आवेदकों की संख्या व राजस्व अनुपात में चल रहे घाटे पर भी विचार-विमर्श चल रहा है।

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