
धीरेन्द्र जोशी / उदयपुर . राज्य के करीब चार लाख पेंशनर्स पे-मैट्रिक्स तैयार नहीं हो पाने के कारण वास्तविक लाभ से वंचित हैं, जबकि यह लाभ राज्य सरकार के पेंशनर्स को छह माह पूर्व ही मिल जाना चाहिए था। हालांकि राजस्थान कैडर के सेवानिवृत्त आईपीएस-आरपीएस को यह लाभ मिल चुका है।
करीब छह माह पूर्व राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान के संशोधन का आदेश जारी किया था। इसमें वेतनमान की बढ़ोतरी फार्मूला 2.57 के आधार पर करने एवं पे-मैट्रिक्स तैयार कर परिलाभ देने की घोषणा भी की गई थी, मगर आदेश के छह माह बाद भी पे-मैट्रिक्स अब तक तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में पेंशनर्स को बढ़े हुए वेतनमान का वास्तविक फायदा नहीं मिल पा रहा।
दो बार भेजे रिमाइंडर
राजस्थान पेंशनर समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर सेठ ने बताया कि इस संबंध में सरकार को गत फरवरी और मार्च में रिमाइंडर भेजे गए। इसमें बताया गया है कि 30 अक्टूबर, 2017 को जारी आदेश के पैरा क्रमांक 4 (।।) में पे-मैट्रिक्स के आधार पर बढ़ा हुआ वेतनमान संशोधित करने के निर्देश के बावजूद अब तक ऐसा नहीं किया गया है। ऐसे में पेंशनर्स को नुकसान हो रहा है।
किन पर लागू होगा आदेश
पे-मैट्रिक्स के आधार पर वेतनमान लागू होने का लाभ 1 अक्टूबर, 2017 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को मिलेगा। जानकारों के अनुसार पे-मैट्रिक्स से जो वेतनमान लागू होगा, वह पद के अनुसार लाभ देगा। ऐसे में अभी जो फार्मूला 2.57 लगाया गया है, इससे भी अधिक लाभ पेंशनर्स को मिलेगा।
हमने बैठक कर प्रस्ताव वित्त विभाग को दे दिया है। पे-मैट्रिक्स पर अभी काम चल रहा है। जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आएगा।
परमेश्वरी चौधरी, पेंशनर डायरेक्टर
Published on:
25 Apr 2018 04:20 pm
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