निजी चिकित्सालयों की तुलना में राजकीय चिकित्सालयों में गंदगी का आलम है। महाराणा भूपाल चिकित्सालय, पन्नाधाय महिला एवं क्षय रोग चिकित्सालय में गंदगी के चलते आम आदमी का वहां खड़ा रहना मुश्किल भरा महसूस होता है। वार्डों के गंदे शौचालय, संशाधनों की कमी, बंद पड़े एक्जॉस फेन, साफ-सफाई में आवश्यक फिनाइल का उपयोग नहीं करना, सफाई के नाम पर चिकित्सालय के वार्डों में उपयोग लिए जाने वाले चद्दरों से पोछा लगाना, गंदगी से अटे चिकित्सालय के पिछले गलियारे, नालों में अटा कचरा जैसी कमियां सक्षम आदमी को चिकित्सालय आने से रोकती हैं।