उदयपुर. बीस सूत्री कार्यक्रम के उपाध्यक्ष एवं केबिनेट मंत्री डॉ. चंद्रभान ने कहा कि देश का कोई एक भी वर्ग यदि पिछड़ा और अभावग्रस्त है तो देश की प्रगति नहीं हो सकती। इसलिए गरीबी मिटाने तथा पिछड़े तबके को मुख्य धारा में लाने के लिए बीस सूत्री कार्यक्रम चलाया है। इससे राजस्थान में गरीबी स्तर में सुधार हुआ है।
डॉ. चंद्रभान सोमवार को यहां जिला परिषद सभागार में बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन में उदयपुर अग्रणी रहा है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन तथा पूरी टीम को बधाई दी। साथ ही वर्ष 2023-24 में और अधिक बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बैठक के प्रारंभ में नगर निगम आयुक्त मयंक मनीष और जिला परिषद सीईओ सलोनी खेमका ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बीस सूत्री कार्यक्रम की राज्य स्तरीय समिति के सदस्य लक्ष्मीनारायण पण्ड्या, समाजसेवी कचरूलाल चौधरी, फतहसिंह राठौड़ मंचस्थत रहे। वहीं पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, गोपालकृष्ण शर्मा, गोपालसिंह चौहान, महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति संयोजक पंकज शर्मा, नीलिमा सुखाड़िया, कामिनी गुर्जर, सीमा पंचौरी, निर्मला चौधरी, पार्षद हिदायतुल्ला आदि उपस्थित रहे। संचालन मुख्य आयोजना अधिकारी पुनील शर्मा ने किया।
बिन्दुवार समीक्षा, दिए निर्देश
बैठक में डॉ चंद्रभान ने बीस सूत्री कार्यक्रम की बिन्दुवार प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मनरेगा में श्रम नियोजन, मानव दिवस सृजन आदि की जानकारी लेते हुए समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजीविका के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन और सशक्तिकरण आदि की भी जानकारी ली। डॉ चंद्रभान ने शहरी क्षेत्र में गरीबी के 7 पैरामीटर्स के आधार पर एनालिसिस करते हुए उन लोगों को भी मुख्य धारा में लाने पर जोर देने के निर्देश दिए।