
उदयपुर में बारिश के दौरान रोड से गुजरते वाहन (फोटो: पत्रिका)
Weather Forecast: मौसमी बदलाव से शुरू हुई मई के अंतिम दिनों में प्री-मानसूनी बरसात की शुरुआत हो गई है और इसने रफ्तार पकड़ ली है। बुधवार को हुई बरसात से नौतपा की गर्मी धुल गई। करीब दस दिन अंतराल के बाद हवाओं के साथ एक घंटा तेज बरसात हुई।
बदलते मौसम में बुधवार को भी उसम भरी गर्मी ने हैरान कर दिया। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे मौसम पलटने लगा। कुछ देर बाद ही बरसात शुरू हो गई। हालांकि शहर में सभी जगह बरसात एक जैसी नहीं थी। तेज हवाओं और अंधड़ के साथ कहीं खंडवर्षा तो कहीं तेज बरसात हुई। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई है। डबोक स्थित मौसम केंद्र पर 15.6 मिमी बरसात मापी गई।
प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य के अधिकांश भागों में हवा में आर्द्ता की औसत मात्रा 20 से 60 प्रतिशत के बीच रही। प्रदेश के ऊपर पूर्वी हवाओं में ट्रफ बना रहा, इसके प्रभाव से जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर संभाग में दोपहर बाद कहीं-कहीं तेज मेघगर्जना, अंधड़ के साथ हल्की/मध्यम बरसात हुई।
उदयपुर, कोटा संभाग में मेघगर्जना के साथ बरसात 2-3 दिन तक रहने के संकेत है। बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग में मेघगर्जन, आंधी के साथ बरसात का दौर 29-30 मई को भी रहने, दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में 2-3 दिन तक तापमान 45-46 डिग्री और शेष अधिकांश भागों में 42-44 डिग्री रहने की संभावना है। नमी की मात्रा अधिक होने से उमस भरी गर्मी रहेगी।
फतहनगर कस्बे में बुधवार को दिनभर की तेज गर्मी के बाद दोपहर करीब सवा तीन बजे तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी ने राहत दी। 20 मिनट तक तेज बारिश हुई, उसके बाद शाम तक बूंदाबांदी का दौर चला।
भटेवर वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के भटेवर सहित आसपास के विभिन्न गांवों में बुधवार शाम को तेज अंधड़ के साथ झमाझम बरसात हुई। तेज अंधड़ चलने से आमजन को परेशानी हुई। क्षेत्र में अंधड़ से कई पेड़ों को नुकसान हुआ।
बडावली अचानक धूलभरी तेज हवाएं चली। इसके बाद करीब 15 से 20 मिनट बारिश हुई।
कुराबड़ कस्बे में बुधवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल गया और झमाझम बरसात हुई।
उदयपुर सहित मेवाड़ के अधिकांश क्षेत्रों में बुधवार से शुरू हुई बरसात मानसून से पूर्व की है। अब आगे भी इस तरह की मौसमी गतिविधियों देखने को मिलेगी। इस बार दक्षिणी-पश्चिमी मानसून केरल तट पर एक सप्ताह पहले पहुंच गया है। इससे मेवाड़-वागड़ पर भी असर होगा और दक्षिणी राजस्थान में मानसून 15 जून के आसपास पहुंचने की उम्मीद है। संभावना है कि इस बार मेवाड़-वागड़ में अच्छी बरसात होगी।
प्रो. नरपतसिंह राठौड़, मौसमविद
Updated on:
29 May 2025 10:44 am
Published on:
29 May 2025 10:07 am
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