उदयपुर . राजस्थान सरकार के पेयजल को निजी हाथों में सौंपे जाने के नीतिगत फैसले के विरोध स्वरूप मंगलवार को स्थानीय आम आदमी पार्टी इकाई कार्यकर्ताओं ने मटका फोड़ जल स्वराज इन्कलाब कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और पटेल सर्किल पर मटके फोड़े। इससे पूर्व अपराह्न पत्रकारों से बातचीत के दौरान पार्टी लोकसभा प्रभारी राजेश चौहान ने बताया कि पानी का निजीकरण राजस्थान सरकार के भ्रष्टाचार का नया कदम है। पार्टी की ओर से जारी विज्ञप्ति में भी इस बात का हवाला देते बताया गया कि जलदाय विभाग को एशियन डॅवलपमेंट बैंक से 820 करोड़ की पहली किश्त सितम्बर 2017 में मिली। लेकिन, इस फंड के इस्तेमाल के सरकारी तरीकों से नाखुश बैंक ने दूसरी किश्त जारी करने से पूर्व सरकार को कामकाज सुधारने के संकेत दिए। इसीलिए अब निजी क्षेत्र से जल वितरण की नीति की सहमति बनाई जा रही है। पार्टी के अनुसार पानी के निजीकरण पर यूएन रिपोर्ट भी चौंकाने वाली है। जिसके मुताबिक छत्तीसगढ़, नागपुर, लातूर और कर्नाटक में निजीकरण के बाद पानी की गुणवत्ता में गिरावट से लेकर पानी के झगड़े बढऩा और पानी महंगा होने से आमजन त्रस्त हुआ है। ऐसे में पार्टी का मानना है कि पानी जैसी जीवनदायिनी को बेचे जाने अथवा व्यावसायीकरण से जल वितरण व्यवस्था से लेकर बिलिंग, कनेक्शन जैसे कार्यों पर भी विपरीत असर पड़ेगा। इसी के विरोधस्वरूप स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली की तर्ज पर समूचे प्रदेश में आगामी 9 अप्रैल तक कांग्रेस-भाजपा कार्यालयों व विधायकों के आवास पर मटका फोड़ जल स्वराज इन्कलाब कार्यक्रम जारी रखेंगे।