
PTET 2022 प्रदेश के शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में सत्र 2022-23 के लिए बीएड पाठ्यक्रम और 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीए बीएड और बीएससी बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए रविवार को शहर के 51 केंद्रों पर प्री टीचर्स एजुकेशन टेस्ट (पीटीईटी) का आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ। शहर में जारी कफ्र्यू में मिली ढील के कारण परीक्षार्थियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। सुबह 8 से शाम 6 बजे तक दुकानें खुली होने से परीक्षार्थियों को केंद्रों के आसपास खाने-पीने और आने-जाने की सुविधा मिल गई। हालांकि नेटबंदी के कारण ऑनलाइन पेमेंट नहीं किया जा सका।एडीएम ओपी बुनकर ने बताया कि परीक्षा सुबह 11.30 से 2.30 बजे तक हुई। परीक्षा के लिए 18 हजार से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत थे। दोनों परीक्षाओं में कुल 16 हजार 339 परीक्षार्थी मौजूद रहे। 2 वर्षीय बीएड में 89.15 प्रतिशत और 4 वर्षीय बीएबीएड में 84.98 प्रतिशत परीक्षार्थी उपस्थित रहे।
जीके और रीजनिंग रहा कठिन
परीक्षार्थियों ने बताया कि जीके और रीजनिंग का हिस्सा कठिन रहा, बाकी का सरल था। एक्सपर्ट संजय लूणावत ने बताया कि 4 भाग में कुल 200 प्रश्न, प्रत्येक 3 अंक, इस तरह कुल 600 अंकों का पेपर था। सामान्य अध्ययन वाले हिस्से में स्मार्ट सिटी, गांधीजी सर्वाधिक समय कहां रहे, आईपीएल में पहला अर्धशतक किसने लगाया,राष्ट्रध्वज सर्वप्रथम कब फहराया गया, हड़प्पा सभ्यता, स्वच्छता में प्रथम शहर आदि पर प्रश्न पूछे गए। माानसिक योग्यता वाला हिस्सा ठीक-ठाक रहा। वहीं शिक्षण अभिरुचि वाला हिस्सा सरल रहा। सरल होने से यह हिस्सा अभ्यर्थियों के लिए स्कोरिंग रहेगा।भाषा के अंतर्गत अंग्रेजी या हिंदी विषय का विकल्प था। यह हिस्सा भी मध्यम रहा। नेगेटिव मार्किंग नहीं होने से कट ऑफ 50 प्रतिशत से अधिक रहने की संभावना है। कुल मिलाकर पेपर मिलाजुला रहा। इसके साथ ही अब परीक्षार्थियों को परिणाम का इंतजार रहेगा।
Published on:
04 Jul 2022 05:13 pm
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