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कमल उगाने की थी तैयारी, ‘कांटोंÓ में फंसा बोर्ड

बबूल कटाई पर रार जारी

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Rage continues over acacia cutting

कमल उगाने की थी तैयारी, 'कांटोंÓ में फंसा बोर्ड

कानोड़. (उदयपुर). डेढ़ वर्ष पूर्व नगरवासियों ने नगर विकास की चिंता करते हुए सत्तापक्षी दल कांग्रेस का बोर्ड बनाकर बड़े-बड़े सपने देखे थे, लेकिन सारी उम्मीदे उस समय धरी रह गई जब कुछ चुने जनप्रतिनिधियों ने बिना सभी की सहमती के क मलवाले तालाब में वर्षों से खड़े लाखों के बबूल का सौदा कर दिया। मामले से पर्दा उठा और विरोधी पक्ष ने हंगामा किया तो हमेशा अवसर ढूंढने वाले पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर भी मामले को गलत बताते हुए इस जंग में कूद गए। मामले को लेकर जिला कलक्टर, तहसीलदार, अधिशासी अधिकारी के साथ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जा चुका है। एक ओर आरोपों को झेेल रहा पालिका बोर्ड व अध्यक्ष चंदा मीणा अपने आप को पाक साफ बताने में जुटी है, तो कांग्रेस में आपसी तनाव भी इन दिनों पालिकाध्यक्ष को बौना बना रहा है। पालिका उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बाबेल इस पूरे मामले से किनारा किए हुए हैं, जबकि पालिकाध्यक्ष मीणा ने उपाध्यक्ष बाबेल पर भी बबूल बेचने के आरोप लगाए थे। बीते नगर पालिका चुनाव में जिस जलाशय में फिर से कमल खिलाने के वादे किए गए आज वह कमलवाला तालाब बबूल के कांटो में उलझ गया। सात पार्षदों वाले कांग्रेस का नगर पालिका बोर्ड के सभी सदस्य भी एकजुट नहीं है, अध्यक्ष चंदा मीणा के साथ तीन पार्षद तो वहीं उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह बाबेल अपने साथ सात पार्षदों की मजबूती लिए है। जिसमें चार मनोनित पार्षद हैं ऐसे में कांग्रेस का दो धड़ों में रहने से क्षेत्र का विकास अवरूद्ध हो गया है । कांग्रेस के बोर्ड की मजबूती नहीं होने से विपक्ष पूरी तरह से हमलावर हो चुका है ।