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भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना:  निजी अस्पतालों ने हाथ झटके, बीमा कंपनी ने अटकाए तीन करोड़ के क्लेम

प्रदेश में अव्वल रहने वाले उदयपुर के निजी अस्पताल ने कलक्टर और सीएमएचओ को दिया पत्र. 

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Rajasthan Health Insurance Scheme udaipur

उदयपुर. सरकार की महत्वाकांक्षी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना (बीएसबीवाई) के प्रति निजी बीमा कंपनी की बेरुखी से तंग आकर योजनान्तर्गत प्रदेश में सबसे ज्यादा मरीजों को सेवाएं देने वाले उदयपुर के निजी हॉस्पिटल ने इससे हाथ झटक लिए हैं। अस्पताल प्रशासन ने योजना के तहत काम करने से इनकार करते हुए मंगलवार को एक प्रार्थना-पत्र जिला कलक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम दिया।

इधर, इस सेवा के मामले में प्रदेश में दूसरे पायदान पर रहने वाली उमरड़ा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज ने भी बीमा कंपनी की बेरुखी पर विभाग से कार्रवाई की अपील की है। प्रदेश में योजना से जुड़े करीब 15 सौ चिकित्सालयों में शामिल अधिकांश निजी हॉस्पिटल में बीमा कंपनी की भुगतान प्रक्रिया को लेकर असंतोष है। जयपुर में अधिकारियों ने संबंधित बीमा कंपनी प्रतिनिधि को तलब कर सवाल-जवाब भी किया है। इधर, चिकित्सा विभाग निजी हॉस्पिटल की ओर से यकायक योजना से नाता तोडऩे के निर्णय को लेकर चिंतित हो उठे हैं।

उनकी चिंता का विषय यह है कि योजना के तहत रजिस्टर्ड मरीजों को उनके इस कदम के चलते नुकसान उठाना पड़ेगा। बीते 3 दिनों के दौरान बिलों पर चिकित्सक के नाम के नीचे स्टाम्प और हस्ताक्षर नहीं होने का कारण बताते हुए बीमा कंपनी ने 3 करोड़ रुपए के भुगतान को अटका दिया है।

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29 करोड़ के पैकेज बुक
उदयपुर स्थित गीतांजली हॉस्पिटल में योजना के तहत बीते दो सालों में 29 करोड़ 1 लाख के पैकेज बुक हो चुके हैं। इनमें करीब 20 करोड़ 20 लाख का भुगतान भी हो चुका है। 11 सितम्बर तक कुल 22900 पैकेज के नाम से कंपनी का 8 करोड़ 81 लाख रुपए का बकाया है। वहीं हाल में निजी बीमा कंपनी ने हस्ताक्षर एवं सील के अभाव में दो दिन में 40 लाख रुपए का क्लेम पास करने की बजाय लौटा दिया। वहीं पेसिफिक मेडिकल कॉलेज ने लाखों रुपए के अटकाए भुगतान को लेकर विभाग से कार्रवाई की मांग की है।

अधिक भुगतान तोवजह नहीं
विभाग एवं प्रशासनिक प्रतिनिधियों में इस बात को लेकर भी चर्चा है कि अधिक पैकेजों की बुकिंग और अधिक भुगतान उठाने की वजह से निजी कंपनी की ओर से बिल भुगतान में इस तरह की आपत्तियंा दर्ज कराई जा रही है। इधर, इस संबंध में न्यू इंडिया इन्श्योरेंस (एनआईए) के रीजनल मैनेजर डीबी झुंड से बातचीत का प्रयास किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं देकर फोन काट दिया।

अभी देंगे सेवाएं
चिकित्सा विभाग ने आगामी दो दिन बाद योजना के नोडल अधिकारी एमपी जैन के उदयपुर पहुंचने का आश्वासन दिया है। विभाग की बात मानते हुए अभी हम सेवाएं यथावत रखेंगे।
किशोर पुजारी, सीईओ, गीतांजली हॉस्पिटल

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बंद नहीं करने को कहा
जिला ग्रिवेन्स रि-एड्रेसल को पत्र मिला है। जिला नोडल अधिकारी, डीपीएम शहर एवं ग्रामीण की कमेटी बनाकर निजी हॉस्पिटल के सीईओ से बातचीत की जाएगी। अभी हॉस्पिटल प्रशासन को काम बंद नहीं करने को कहा गया है।
स्थानीय इन्श्योरेंस कंपनी प्रतिनिधि से बातचीत जारी है।

डॉ. संजीव टाक, सीएमएचओ, उदयपुर

मुख्यालय से निर्णय
हमारा काम स्थानीय समस्याओं को मुख्यालय तक भेजना है। हमने कई जानकारी ऊपर भेज रखी है। क्लेम क्यो रोका गया इसकी जानकारी वे ही दे सकते हैं। हमारा काम समन्वय करना है।
शैलेंद्र गुप्ता, एनआईए प्रतिनिधि, उदयपुर

बातचीत की है
बीमा कंपनी को जयपुर तलब किया गया था। मेरी अनुपस्थिति में अधिकारियों ने बातचीत की है। किसी भी अस्पताल को तुरंत निर्णय लेने की बजाय व्यवस्था सुधार का मौका देना चाहिए। समस्या है तो समाधान भी है।
नवीन जैन, एमडी, एनआरएचएम