शुभम कड़ेला/उदयपुर . राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने कहा कि बच्चे परिवार, समाज और राष्ट्र की धरोहर हैं। संस्कार निर्माण के साथ बेहतर शिक्षा देकर इन्हें मजबूत करने की जरूरत है ताकि देश की नींव मजबूत हो सके। कल ये ही बच्चे देश के कर्णधार बनेंगे और इन्हीं में से कोई अभिनंदन पैदा होगा। यह बात मुख्य अतिथि डॉ भाटी ने मावली तहसील के सालेरा खुर्द गांव में समिधा संस्थान की ओर से संचालित होने वाले समिधा बालगृह के उद्घाटन अवसर पर कही। उन्होंने समिधा संस्थान की प्रशंसा करते हुए कहा कि बालगृह संचालन जैसे पुनित कार्य सराहनीय है। इन्हीं बच्चों में से कल कोई जज बनेगा तो कोई डॉक्टर, वकील, आर्मी अफसर या राजनेता बनेगा। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन्हें अच्छी शिक्षा और संस्कार दें। समारोह की अध्यक्षता कर रहे एडीजे महेन्द्र दवे ने कहा कि बच्चों को परिजन किसी भी काम में ज्यादा टोंके नहीं करें और उसका आत्मविश्वास बनाए। विशिष्ट अतिथि सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता एश्वर्या भाटी ने कहा कि महिलाएं पुरुषों के बराबर खड़ी हो रही है और इसकी बदौलत में मैं सुप्रीम कोर्ट में वकालात कर रही हूं।
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संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष चंद्रगुप्तसिंह चौहान ने बताया कि बाल अधिकारिता विभाग के सहयोग संचालित इस बालगृह में 50 निराश्रित बच्चे रह सकेंगे। कार्यक्रम में समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। समारोह में जोधपुर डेजर्ट स्कूल की निदेशक सरोजनी चौहान, गायत्री सेवा संस्थान के शैलेन्द्र पण्ड्या, विक्रमादित्यसिंह चौहान, आसरा विकास संस्थान के भोजराज सिंह पदमपुरा, सचिव राघव चतुर्वेदी, कोषाध्यक्ष महादेव चौहान, प्रमिला पगारिया, डॉ आभा शर्मा, समाजसेवी मनोहरसिंह कृष्णावत, बालूसिंह कानावत, कुंदनङ्क्षसह सोलंकी, मावली प्रधान जीतसिंह चुण्डावत आदि मौजूद थे।