
उदयपुर आवासन मंडल कार्यालय (फाइल)
उदयपुर. घर का सपना पूरा करने वाला आवासन मंडल में अब स्टाफ नहीं है ऐसे में इसे धीरे-धीरे समेटा जा रहा है। इसकी शुरूआत अब खंड कार्यालयों को बंद करने से की गई है। वैसे पहले भी बात चली थी कि मंडल को बंद किया जा रहा है लेकिन बाद में उस पर एक बार विराम लगा था। असल में उदयपुर संभाग के अधीन चित्तौडगढ़़ व डूंगरपुर के आवासन मंडल कार्यालय को एक तरह से बंद कर दिया गया है। वहां के अधिकारी अब जिस जिले में मर्ज किया गया वहां बैठेंगे। वैसे तो जनता को मंडल से किसी भी काम के लिए अब लम्बी दूरी नापनी होगी।
वैसे तो मण्डल ने प्रदेश के ऐसे 14 खण्डों को अन्य खंड में मर्ज किया है। उदयपुर द्वितीय का जो कार्यालय था उसको भी प्रथम में मर्ज किया गया है। ऐसे में चित्तौडगढ़़ व डूंगरपुर जिले में जिन स्थानों पर आवासीय योजना है वहां के लोगों को अब मर्ज वाले दफ्तरों में जाना होगा। जैसे डूंगरपुर को उदयपुर वृत में तो चित्तौडगढ़़ को भीलवाड़ा में मर्ज किया गया है। ऐसे में इन खंड के अधीन आने वाले इलाकों में मकान लेने वाले या आगे आने वाली नई योजनाओं को लेकर उनको इन जिला मुख्यालयों पर आना-जाना होगा।
जिले से समझे असर इस तरह होगा
1. डूंगरपुर : डूंगरपुर खण्ड बंद होने से वहां छोटा स्टाफ रहेगा लेकिन अधिकारी तो उदयपुर में ही मिलेगा। साथ के साथ सागवाड़ा, बांसवाड़ा, परतापुर में हाउसिंग बोर्ड के कार्यालय पहले से ही थे नहीं और वहां की योजनाएं डूंगरपुर कार्यालय से कनेक्ट थी लेकिन अब सब उदयपुर हो गया।
2. चित्तौडगढ़़ कार्यालय को भीलवाड़ा में शिफ्ट किया। वहां की आवासी योजनाओं को लेकर अब जनता को किसी कार्य को लेकर भीलवाड़ा ही जाना होगा।
स्टाफ ही नहीं मंडल के पास
आवासन मंडल के पास स्टाफ नहीं होने से खंड को शिफ्ट किया गया। डूंगरपुर स्थित आवासन मण्डल कार्यालय का ही उदाहरण ले तो वहां कई समय से अधिकांश पद का उदयपुर आवासन मंडल के अधिकारियों को ही अतिरिक्त चार्ज दे रखा था।
इनका कहना है...
सक्षम स्तर से सरकार का निर्णय है। वैसे आमजन को समस्या नहीं आए इसके पूरे प्रयास किए है। वैसे जिन खंड को मर्ज किया है वहां भी उनको सुनने वाला होगा और उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा।
- जीएस भाटी, आवासीय अभियंता, हाउसिंग बोर्ड उदयपुर
Published on:
15 Oct 2020 11:53 am
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