
उदयपुर . आगामी चुनाव के मद्देनजर सरकार ने आदिवासियों को लुभाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसका असर नीति निर्धारण समिति की बैठक में साफ नजर आया। इसमें आदिवासी बहुल उदयपुर संभाग के बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में पेयजल परियोजनाओं के लिए 1716 करोड़ रुपए तथा खेरवाड़ा में मौजूदा परियोजना के पुनर्गठन के लिए 7.54 करोड़ रुपए की प्रशासनिक मंजूरी दी गई। इससे खेरवाड़ा सहित उसके 4 गांवों में मौजूदा पेयजल व्यवस्था का पुनर्गठन किया जाएगा।
जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल की अध्यक्षता में जयपुर में हुई इस बैठक में परियोजनाओं को उन्नत स्वरूप में परिवर्तित करने, पुनर्गठन करने एवं वृहद परियोजनाओं से जोडऩे का नीतिगत निर्णय भी किया गया। अब वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजे जाएंगे। वहां से स्वीकृति के बाद टेंडर जारी होंगे फिर वर्क ऑर्डर।
1 हजार की आबादी वाले गांवों में घर-घर कनेक्शन : बैठक में तीन हजार की आबादी के नियम में शिथिलता देते हुए सीमांत क्षेत्रों में एक हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को घर-घर कनेक्शन देने का निर्णय किया है। इससे आदिवासी क्षेत्र के लोगों को फायदा मिलेगा।
ये थे मौजूद : राज्य मंत्री सुशील कटारा, प्रमुख शासन सचिव रजत कुमार मिश्रा, वित्त एवं आयोजना विभाग के संयुक्त सचिव, चीफ इंजीनियर, एडिशनल चीफ इंजीनियरों सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बांसवाड़ा व प्रतापगढ़ के 953 गांवों को मिलेगा पानी
बैठक में बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ और सज्जनगढ़ तहसील के 399 गांवों को माही बांध से पानी देने के लिए 798 करोड़ रुपए तथा प्रतापगढ़ जिले के ब्लॉक अरनोद, प्रतापगढ़ और पीपलखूंट के 554 गांवों को जाखम बांध से पानी देने के लिए 918 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी की सहमति जारी की गई है।
Published on:
05 Oct 2017 08:06 pm
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