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मुल्जिम तो छोड़ों यहां पर IAS अधिकारी को गिरफ्तारी वारंट से लाना पड़ रहा कोर्ट में

मुल्जिम तो छोड़ों यहां पर आईएएस अधिकारी को गिरफ्तारी वारंट से लाना पड़ रहा कोर्ट में

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Court News : रिश्वत के आरोपी आरपीएफ के तत्कालीन हैड कांस्टेबल को पांच वर्ष का कठोर कारावास

Court News : रिश्वत के आरोपी आरपीएफ के तत्कालीन हैड कांस्टेबल को पांच वर्ष का कठोर कारावास

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
रिश्वत के 9 साल पुराने प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति देने वाले IAS Naresh Pal Gangwar के बार.बार बुलावे के बावजूद उपस्थिति नहीं देने पर कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए उन्हें गिरफ्तारी वारंट से तलब किया है। एसीबी कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मधुसुदन मिश्रा ने आदेश की एक प्रति एसीबी डीजी जयपुर को भी प्रेषित की। इसमें स्पष्ट लिखा कि मामले में गंगवार अंतिम गवाह हैए उन्हें हर सूरत में गिरफ्तार कर 8 जून को न्यायालय में पेश करें। गंगवार अभी पर्यावरणए वन एवं जलवायु मंत्रालय में संयुक्त सचिव है।

न्यायालय ने यह आदेश महेन्द्र सिंह चौधरी बनाम राज्य सरकार के प्रकरण में दिया। राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम ;निर्माण शाखाद्ध के तत्कालीन कनिष्ठ अभियंता वैशालीनगर जयपुर निवासी महेन्द्र सिंह पुत्र निर्मलसिंह चौधरी को एसीबी ने गत 11 जुलाईए 2013 को दिलीप कटारा से 1600 रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था। मामले में तत्कालीन रोडवेज प्रबंधक निदेशक नरेशपाल गंगवार ने अभियोजन स्वीकृति दी थी। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान गंगवार को 28 बार समन से तलब किया लेकिनए हर बार उन्होंने आवश्यक राजकीय कार्यए विधानसभा सत्र में व्यस्तता तथा जेनेवा इंडोनेशिया मिटिंग में होने के कारण बताकर तारीख पेशी पर उपस्थित नहीं दी। शुक्रवार को भी गंगवार की ओर से पार्लियामेन्ट्री मिटिंग के कारण उपस्थित होने में असमर्थता बता दी तो कोर्ट ने नाराजगी जताई।

मुख्य सचिव व एसीबी डीजी को लिखा थाए फिर भी नहीं हुए पेश
न्यायालय ने आदेश में लिखा में गत 24 जनवरी व 15 मार्च को गवाह गंगवार की उपस्थिति के लिए मुख्य सचिव राजस्थान सरकार एवं पुलिस महानिदेशक एसीबी जयपुर के मार्फत समन इस निर्देश के साथ प्रेषित किए कि वह आगामी तारीख पेशी पर उपस्थित होए अन्यथा गवाह के विरुद्ध धारा 174 के अपराध का प्रसंज्ञान लिया जाकर गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा। इसके बाद भी गवाह उपस्थित नहीं हुआए शुक्रवार को भी पार्लियामेंट्री मिटिंग के कारण अनपुस्थिति की सूचना प्रेषित की है। ऐसा प्रतीत हो रहा है गवाह अप्रत्यक्ष रुप से अभियुक्त को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर साक्ष्य में उपस्थित नहीं हो रहा है। लिहाजा ऐसी स्थिति में गवाह की गिरफ्तारी वारंट के बिना उपस्थिति समय होना प्रतीत नहीं हो रही है। न्यायालय ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया।

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