
उदयपुर . कर्नाटक के बाद देश के तीन राज्यों में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव पर राजस्थान पत्रिका की ओर से हुए सर्वे में 58 फीसदी लोगों की वर्तमान सरकारों के बदलने की मंशा ने राजनीतिक दलों को न केवल आईना दिखाया है बल्कि उन्हें सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। भाजपा इसे चेतावनी मानते हुए चुनाव तक पुरजोर सक्रियता बरतने की बात कह रही है, वहीं अब तक बर्फ में पड़ी कांग्रेस इस मौके को समय रहते भुनाने के दावे कर रही है।
सर्वे के बाद राजनीतिक दलों में शुरू हुई सियासी जंग को लेकर राजस्थान पत्रिका कार्यालय में रविवार को हुए टॉक शो में दोनों ही राजनीतिक दलों ने सरकार बनाने के दावे किए। भाजपा ने इतिहास को बदलते हुए मेवाड़-वागड़ क्षेत्र में बहुमत लाकर प्रदेश में फिर सरकार बनाने का दावा किया है, वहीं कांग्रेस ने भाजपा के प्रति जनता की नाराजगी को भुनाकर बदलाव की बयार लाने के लिए ताल ठोंकी है।
पार्टी में युवाओं को मौका
कांग्रेस की ओर से मोहसिन खान एवं मोहनलाल शर्मा ने विकास एवं भाजपा के शासन में त्रस्त आमजन का हवाला देते हुए कहा कि उनकी पार्टी युवाओं के साथ है। युवा प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलेट के नेतृत्व में उनकी पार्टी इस बार के चुनाव में बहुमत लाकर प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि उदयपुर जिले में भी पार्टी युवा प्रतिनिधि को मौका देगी। उन्होंने आरोप लगाए कि भाजपा की स्थानीय राजनीति में भाई साहब के होते हुए किसी को आगे बढऩे का मौका नहीं मिलेगा। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि गृहमंत्री प्रदेश के नहीं बल्कि केवल उदयपुर के गृहमंत्री हैं।
तय करेगी पार्टी
भाजपा की ओर से डॉ. जिनेंद्र शास्त्री एवं गणेश व्यास ने कहा कि केंद्र और प्रदेश में सत्ताधारी भाजपा पार्टी पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए फिर से सत्ता में आएगी। राजस्थान पत्रिका के सर्वें ने उन्हें समय रहते चेता दिया है। इसका फायदा उठाते हुए संगठन लोगों के बीच रही-सही नाराजगी को दूर करने में जुट जाएगी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गृहमंत्री के लिए कुछ भी कहने के लिए वे सक्षम नहीं हैं। रही बात चुनाव में किसे मौका दिया जाएगा तो यह तय करने का काम पार्टी का है। विकास सहित अन्य मुद्दों पर पार्टी अगला चुनाव लड़ेगी।
Published on:
02 Apr 2018 01:47 pm
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