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Rajasthan Politics: उदयपुर में कुनबा बदल पाएगी कांग्रेस या फिर दोहराएगा गुटबाजी का इतिहास? कई खेमे में बंटी पार्टी

Rajasthan Politics: एक पखवाड़े में जिलाध्यक्षों के नाम तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी तरफ, अध्यक्ष पद के चुनाव की घोषणा के बाद उदयपुर शहर और देहात में पार्टी नेता सक्रिय हो गए।

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जिलाध्यक्षों के चुनाव की कवायद शुरू

Rajasthan Politics: उदयपुर जिले में कांग्रेस के नए सिपहसालारों की तलाश शुरू हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने महाराष्ट्र की कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर को ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। वहीं, पीसीसी महासचिव चेतन डूडी, सचिव गोविंद डागा और एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष अभिषेक चौधरी सहयोगी की भूमिका निभाएंगे।


अगले एक पखवाड़े में जिलाध्यक्षों के नाम तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी तरफ, अध्यक्ष पद के चुनाव की घोषणा के बाद उदयपुर शहर और देहात में पार्टी नेता सक्रिय हो गए। अध्यक्ष पद की दौड़ में कई दावेदार हैं। मौजूदा अध्यक्ष भी पद पर बने रहने के लिए जी-तोड़ कोशिश कर रहे हैं।


बता दें कि मेवाड़ में एक दशक से कांग्रेस गुटबाजी का शिकार है। इससे पार्टी का जनाधार खिसका हुआ है तो ज्यादातर सीटों पर लगातार चुनावी हार झेलनी पड़ रही। पार्टी अब पूरा कुनबा बदलने के मूड में है, पर सवाल यह है कि कांग्रेस अपनी जड़ें जमाने के लिए किसी जमीनी कार्यकर्ता को मौका देगी या गुटबाजी का वही इतिहास दोहराया जाएगा है।


कांग्रेस की जड़ें कमजोर, भाजपा की गहरी


मेवाड़ में कांग्रेस की हालत एक दशक से नाजुक है। सात सीटों वाले उदयपुर जिले में वर्तमान में पार्टी के महज दो विधायक है। डेढ़ दशक में साल 2008 के विधानसभा चुनावों को छोड़ दें तो कांग्रेस कभी नहीं उभरी। 2018 के चुनावों में दो और 2013 में एक सीट से संतोष करना पड़ा था।


वर्तमान में लोकसभा, पंचायतराज और नगर निगम में भाजपा काबिज है। जिले की पांच सीटों पर भी भाजपा के विधायक है। उदयपुर शहर अरसे से भाजपा का अजेय गढ़ बना हुआ है। उदयपुर ग्रामीण सीट से भी भाजपा लगातार तीन बार से जीत रही है।


मेवाड़ में कांग्रेस एकजुट है। सभी मिलकर पार्टी को मजबूत करेंगे। एआईसीसी की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वर यशोमती ठाकुर अगले कुछ दिन में उदयपुर आएंगी। वे यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक चुनाव को लेकर चर्चा करेंगी। आलाकमान के निर्देशों की पालना करेंगे।

-पंकज शर्मा, प्रदेश महासचिव एवं प्रवक्ता, कांग्रेस


गुटबाजी : सीपी, मीणा और अन्य के खेमे में बंटी पार्टी


मेवाड़ में कांग्रेस के तीन दिग्गज पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री गिरिजा व्यास और पूर्व सांसद रघुवीर मीणा का दखल हमेशा रहा है। संगठनात्मक नियुक्तियां हो या लोकसभा और विधानसभा में प्रत्याशियों का चयन, तीनों दिग्गजों ने अपने चहेतों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।


इससे पार्टी में लंबे समय से गुटबाजी बनी हुई है। मौजूदा शहर अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ की ताजपोशी में पूर्व सांसद रघुवीर मीणा की बड़ी भूमिका रही तो देहात अध्यक्ष कचरूलाल चौधरी सीपी जोशी गुट के माने जाते हैं। कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास के निधन के बाद अब जोशी और मीणा गुट सक्रिय हो गए हैं।