3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाथद्वारा, कुम्भलगढ़ और भीम में सियासी हाई वोल्टेज, सीपी, सुरेन्द्र और हरि सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर

मौजूदा विधायकों का पांच साल का कामकाज, उनके सबसे तगड़े दावेदारों की चुनौती, तमाम उम्मीदवारों की एक माह की चुनावी दौड़-धूप और आखिर में किस्मत की कसौटी पर कसे गए मतदाताओं के फैसले को बेपर्दा करने की घड़ी आ ही गई। राज्य विधानसभा चुनाव-2013 के तहत राजसमंद जिले की चार सीटों से जीत का सेहरा बांधकर कौन 16वीं विधानसभा में जाएगा

2 min read
Google source verification
nathdwara-election-2023.jpg

Political high voltage in Nathdwara, Kumbhalgarh and Bhim, prestige of CP, Surendra and Hari Singh at stake

- नाथद्वारा में सीपी व विश्वराज, कुम्भलगढ़ में सुरेन्द्र और भीम में हरि सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर
- राजसमंद में दीप्ति को बागी बड़ाला कितनी बड़ी चुनौती दे पाए, आज होगा साफ
राजसमंद. मौजूदा विधायकों का पांच साल का कामकाज, उनके सबसे तगड़े दावेदारों की चुनौती, तमाम उम्मीदवारों की एक माह की चुनावी दौड़-धूप और आखिर में किस्मत की कसौटी पर कसे गए मतदाताओं के फैसले को बेपर्दा करने की घड़ी आ ही गई। राज्य विधानसभा चुनाव-2013 के तहत राजसमंद जिले की चार सीटों से जीत का सेहरा बांधकर कौन 16वीं विधानसभा में जाएगा, यह तय होने में अब सिर्फ चंद घंटे बचे हैं।सबकुछ सही रहा तो रविवार सुबह 8 बजे शुरू मतगणना का नतीजा दोपहर 1 बजे तक स्पष्ट हो जाएगा।

नाथद्वारा में कांगे्रस के दिग्गज सीपी जोशी, भाजपा के विश्वराज सिंह मेवाड़, कुम्भलगढ़ में चार बार के विधायक सुरेन्द्र सिंह, भीम में विधायिकी की हैट्रिक लगा चुके हरि सिंह की किस्मत का काउंटडाउन भी लगभग खत्म हो गया है। आइए जानते हैं हर सीट की चुनावी गणित...

भीम

यहां कांग्रेस के मौजूदा विधायक सुदर्शन सिंह रावत को पार्टी ने फिर टिकट दिया, तो उनके सामने तीन बार के विधायक रहे व 2018 में हारे हरि सिंह रावत को भाजपा ने फिर मैदान में उतारा। दोनों के बीच मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। कांग्रेस के सुदर्शन चम्बल प्रोजेक्ट और विकास के मुद्दों को लेकर मतदाताओं के बीच गए, वहीं हरि सिंह ने पांच साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार व तानाशाही के आरोप लगाए और डबल इंजन सरकार के लिए समर्थन मांगा।
स्टार प्रचारक : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (भाजपा), कांग्रेस से कोई नहीं
मतदान प्रतिशत : 70.34

कुम्भलगढ़
भाजपा से 2013 और 2018 में लगातार जीते, दो बार हारे और कुल चार बार विधायक रहे सुरेन्द्र सिंह राठौड़ का मुकाबला कांग्रेस के पूर्व विधायक गणेश सिंह परमार के पुत्र योगेन्द्र सिंह से है। योगेन्द्र को पहली बार युवा चेहरे के तौर पर मैदान में उतारा गया। इस सीट पर दोनों ओर भितरघात की आशंका बनी रही। योगेन्द्र के लिए पूर्व प्रधान सूरत सिंह दसाणा ने आखिरी वक्त में भाजपा का दामन थाम मुश्किल खड़ी की, वहीं सुरेन्द्र को बागी नीरज सिंह राणावत ने चुनाव मैदान में उतरकर परेशानी में डाला।

स्टार प्रचारक : केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (भाजपा), सीपी जोशी (कांग्रेस)

मतदान प्रतिशत : 68.53

राजसमंद

भाजपा विधायक दीप्ति माहेश्वरी के सामने कांग्रेस ने 2018 में हारे कांग्रेस के नारायण सिंह भाटी पर फिर दांव खेला था। 2021 में हुए उपचुनाव में जीत के साथ ही भाजपा ने लगातार इस सीट को पांचवीं बार फतह किया। माहेश्वरी को स्थानीय के नाम पर मैदान में आए बागी दिनेश बड़ाला ने भी चुनौती दी। मुकाबला त्रिकोणीय बनता चला गया। भाटी ने गहलोत सरकार की योजनाओं के दम पर जनता से जीत का आशीर्वाद मांगा।

स्टार प्रचारक : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, अध्यक्ष जेपी नड्ढा (भाजपा), सीपी जोशी (कांग्रेस)

मतदान प्रतिशत : 75.02

नाथद्वारा

यह जिले की हॉट सीट है। 2008 में एक वोट से हार के कारण लगातार चर्चा में रहे सीपी जोशी 2018 की जीत के बाद विकास की झड़ी लगाने के दावों के साथ मैदान में उतरे। भाजपा ने जातीय समीकरणों के आधार पर मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह को मैदान में उतारकर सीपी को कड़ी चुनौती दी। प्रदेश स्तरीय नेता जोशी ज्यादातर समय नाथद्वारा में ही डटे रहे। मतदान के बाद भी हर कोई जीत की सम्भावनाओं पर असमंजस में ही रहा। मुकाबला करीबी माना गया।

स्टार प्रचारक : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृहमंत्री अमित शाह (भाजपा), सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल (कांग्रेस)

मतदान प्रतिशत : 78.58

Story Loader