धीरेंद्र जोशी/उदयपुर. रोडवेज की हड़ताल 18 दिन भी जारी रही। इन 18 दिनों में उदयपुर आगार को करीब 240 लाख का नुकसान हुआ है। इधर कर्मचारियों का रोष बढ़ता जा रहा है। इधर हड़ताल के चलते लोग खासे परेशान हो रहे हैं। उदयपुर आगार के कर्मचारियों ने गुरुवार को रोडवेज बस स्टैंड और कार्यशाला पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार द्वारा मांगों को लेकर उचित रवैया नहीं अपनाए जाने पर रोष व्यक्त किया गया। प्रदेश संयुक्त मोर्चा के संयोजक इंजीनियर जीतमल चौहान ने बताया कि बस स्टैंड पर चल रहे धरना स्थल पर गुरुवार सुबह पूर्व ग्रामीण विधायक सज्जन कटारा पहुंची। उन्होंने हड़ताल को पूर्ण समर्थन दिया। कटारा ने कहा कि हम सभी रोडवेज कर्मचारियों के साथ हैं एवं सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत ही निगम कर्मियों की मांगों को मानते हुए हड़ताल को पूर्ण विराम दें। इस हड़ताल से प्रदेश की जनता बहुत परेशान है। इस अवसर पर संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया जिसमें मुख्य रूप से अनीस मोहम्मद, यूसुफ , भुनेश्वरी राणावत, कौशल्या भट्ट, लक्ष्मीनारायण नागदा, कल्लू सिंह राठौड़, लक्ष्मी लाल जैन ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मोर्च इकबाल, मोहम्मद कलीम, इनायत खान, कल्लू सिंह, पूनम पुरबिया, अनिल गरासिया, भगवत सिंह, नरेंद्र बेनीवाल, भूपेंद्र गुर्जर, हिम्मत सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित थे। 240 लाख का नुकसान उदयपुर आगर के मुख्य प्रबंधक महेश उपाध्याय ने बताया कि उदयपुर आगार में प्रतिदिन करीब 15 लाख रुपए का राजस्व आता है। गत 18 दिनों से अधिकांश कर्मचारी हड़ताल पर है। ऐसे में रोडवेज का संचालन नहीं हो पा रहा। इससे इन दिनों में केवल उदयपुर आगार को करीब 240 लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है।