
मधुलिका सिंह/उदयपुर . लंदन के एक्सेल एग्जीबिशन एरिया में 26 से 27 सितम्बर तक ड्रोन एग्जीबिशन (ड्रोन एक्स ट्रेड शो एण्ड कॉन्फ्रेंस) होने वाली है। इसमें राजस्थान के 3 युवा भाग लेने जा रहे हैं। इसमें से ड्राेन स्टार्टअप शुरू करने वाले दो युवाओं ने अपने पहले 'कृषि ड्रोन- वीएस 010' का एक्सपेरिमेंट और टेस्टिंग उदयपुर में की। यहां सफल ट्रायल किया और इसके बाद ही कृषि ड्रोन का उनका आइडिया इस मुकाम तक पहुंचा। अब ये युवा यूरोप की इस बड़ी ड्रोन एग्जीबिशन में भाग लेकर पूरी दुनिया को कृषि ड्रोन के फायदे बताएंगे।
2018 में बनाया पहला प्रोटोटाइप
ड्रोन स्टार्टअप विसरॉन प्रा.लि. के फाउंडर विनय कुमार यादव और को-फाउंडर हितेश बोराणा ने बताया कि उन्होंने सर पद्मपत सिंघानिया यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में स्नातक किया। हितेश ने एमपीयूएटी के सीटीएई कॉलेज से इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग की। उन्होंने पहला प्रोटोटाइप वर्ष 2018 में बनाया। इसकी सफल टेस्टिंग और ट्रायल एमपीएयूटी के क्रिकेट मैदान में की। इस पर उन्हें राजस्थान सरकार की ओर से वर्ष 2022 में 5 लाख की अनुदान राशि दी गई। यह राजस्थान का पहला कृषि ड्रोन है।
किसानाें को जानलेवा बीमारियों से बचाएगा ड्रोन
यादव और बोराणा ने बताया कि अक्सर किसान फसलों को खराब होने से बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करते हैं, लेकिन इस कीटनाशक से वे खुद बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। ऐसे में कृषि ड्रोन द्वारा कीटनाशक छिड़काव करने से किसान सीधे इनके संपर्क में नहीं आएंगे। वहीं, ड्रोन के जरिए कीटनाशक छिड़काव से पानी का उपयोग 90 प्रतिशत और कैमिकल का उपयोग 30 प्रतिशत कम होता है। इससे किसान का पैसा व समय बचेगा। जल्द ही वे किसानों व युवाओं के लिए ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र खोलेंगे।
Published on:
13 Sept 2023 10:54 pm
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