
राजस्थान में बिना मान्यता के शुरू होने वाले महाविद्यालय पर कुलपति का बयान पढ़िए..
भुवनेश पण्ड्या/उदयपुर . पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा ने कहा कि भारतीय पशु चिकित्सा परिषद एवं राजस्थान पशु चिकित्सा परिषद में अब तक पंजीकृत नहीं हुए पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय नवानिया को जल्द ही मान्यता दिलाई जाएगी। अंतिम वर्ष में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होगा। इसके लिए विवि स्तर पर सभी प्रयास जारी हैं। उन्होंने पत्रिका से बातचीत में कहा कि बिना मान्यता के अब तक महाविद्यालय चलाने के पीछे तत्कालीन सरकार का दबाव था। सरकार ने ही बिना मान्यता के विद्यार्थियों को दाखिले दिलाने का दबाव बनाया जिससे महाविद्यालय में विद्यार्थियों को दाखिले दिए गए थे। चूंकि इस बार अंतिम बेच है। हमारे स्तर पर सरकार के माध्यम से परिषद में निरीक्षण का आवेदन किया जा चुका है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर मान्यता ले लेंगे। पूर्व में वर्ष 2007 से 2010 तक यहां के विद्यार्थियों का स्थानान्तरण होता रहा था। इसके बाद वर्ष 2013 से 2018 के बीच नियमित तौर पर बैच संचालित किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि कुलपति शर्मा यहां नवानिया स्थित महाविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार ‘नेशनल सिम्पोसियम ऑन नेवर कॉन्सेप्ट्स एंड इंप्रुवमेंट इन एनिमल हैल्थ एंड प्रोडक्शन’ के दूसरे दिन बतौर अतिथि शामिल हुए। इस मौके पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरके धूरिया भी मौजूद थे।
सफाई में बोले
महाविद्यालय में संचालित गिर प्रोजेक्ट में गड़बडिय़ों पर शर्मा ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच अब एसीबी कर रही है। इसलिए उनका कुछ कहना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी है तो उसे सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कुलपति बनने के बाद उन्होंने विवि के अधीन संचालित सभी 12 प्रोजेक्ट को आत्मनिर्भर बनाने पर ही जोर दिया है। इसमें नवानिया महाविद्यालय का गिर प्रोजेक्ट भी शामिल है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि कई गलतियां स्टाफ स्तर पर जान-बूझकर नहीं की जाती है, काम करने के दौरान कुछ गलतियां हो जाती हैं। हम इन सारी व्यवस्थाओं में सुधार करेंगे। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में अगर कोई नियुक्ति गलत प्रक्रिया से हुई है तो उसकी भी जांच करवा लेंगे।
Published on:
15 Dec 2018 02:01 pm
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