
स्कूल में शिक्षक दो घंटे भी नहीं रुकते, विधानसभा में बोले विधायक
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. गोगुंदा विधायक प्रतापलाल भील ने गुरुवार को विधानसभा में बोलते हुए कहा कि जागरूकता नहीं होने से वहां आदिवासी लाभ नहीं ले पा रहा है। उन्होंने कहा कि गोगुंदा के टीएसपी एरिया में २०१२ से २०१८ तक ८००० कनेक्शन एक साथ हुए और कोटड़ा में मात्र ४० कनेक्शन हुए। कोटड़ा के लिए कुछ करने की जरूरत है। भील ने कहा कि कोटड़ा में स्कूल खोल रखे, अध्यापक लगा रखे है लेकिन अध्यापका दो घंटे भी नहीं रुकता है। उन्होंने कहा कि उनको एक-दो स्कूलों में जाने का मौका मिला, पूछा कौन-कौन सी कक्षाओं मेें बच्चे है, तो कक्षा एक से तीन के आगे कक्षा ही नहीं मिली। उन्होंने बताया कि गोगुंदा में एकलव्य मॉडल स्कूल खोल दिया लेकिन वहां शिक्षक नहीं है। भील ने वैर प्रथा को भी समाप्त करने के लिए जनजाति विभाग को पुरानी परम्परा को तोडऩे के लिए जनजागरण कार्यक्रम करने चाहिए।
फूलसिंह ने पैंथर के हमले का मामला उठाया
ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने कहा कि बुधवार को गिर्वा के बारा गांव में देवीलाल नामक युवक को पैंथर ने मार दिया। सरकार उसे 20 लाख रुपए की राशि तय करेंगे तो जनजाति परिवार के लिए अच्छा होगा। मीणा ने टीडी में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की भी मांग की। अनुदान की मांग में भाग लेते हुए मीणा ने कहा कि मेरे विस क्षेत्र में टीएसपी एरिया का विस्तार कर हमारी गिर्वा पंस. जो सामान्य में थी वहां पर प्रधान भी एसटी का बनेगा, सभी सरपंच एसटी के बनेंगे, यह सब पूर्व सरकार ने किया। उन्होंने कहा कि एक बालिका जो जजा क्षेत्र में जन्म लेती है और वह विवाह के बाद सामान्य पंचायत में जाती है तो उसको टीएसपी का प्रमाण पत्र नहीं मिलता है, मीणा ने कहा कि उसको प्रमाण पत्र नहीं मिले लेकिन उसका क्या दोष है जो सामान्य पंचायत में जन्म लेकर टीएसपी में शादी के बाद आ गई, उसका भी प्रमाण पत्र नहीं बनता है, इस पर सरकार ध्यान दें।
कटारिया ने बाल श्रमिकों का सवाल लगाया
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने बाल श्रमिकों से कार्य करवाने पर दर्ज प्रकरण को लेकर सवाल किया। जवाब में सरकार ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न थाना क्षेत्रों में 1 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2019 के दौरान बाल श्रमिकों को काम करवाने के मामलों में कुल 2262 मुकदमे दर्ज किये गए। इस अवधि के दौरान आईपीसी की धारा 370 के तहत कुल 143 मुकदमे दर्ज किए गए।
परमार ने प्रयोगशाला सहायकों पर पूछा
खेरवाड़ा विधायक दयाराम परमार ने शिक्षा विभाग में 1997 में अधिशेष घोषित प्रयोगशाला सहायक को लेकर सवाल किया। सरकार ने कहा कि समायोजित प्रयोगशाला सहायक अध्यापकों की प्रथम नियुक्ति प्रयोगशाला सहायक के पद पर मानते हुए ए.सी.पी. का लाभ ले चुके 179 कार्मिक वेतन कटौती से प्रभावित हुए है।
Updated on:
26 Jul 2019 03:46 pm
Published on:
26 Jul 2019 03:42 pm
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