
उदयपुर।
उदयपुर जिले के बंबोरा के निकट फीला गांव में शादी ब्याह का एक अनोखा कार्यक्रम देखने को मिला। इस अनोखी शादी को देखने के लिए आसपास क्षेत्र से कई ग्रामीण पहुंचे। जहां मां-बाप अपने बेटे की शादी में कई तरह के आयोजन करते हैं। बड़े-बड़े खर्चे करते है। वहीं इस परिवार ने अपनी बेटी की शादी को किसी भी तरह से बेटे से कम नहीं समझा और बराबर का दर्ज देने के मानस से अनूठा ब्याह रचाया। जिसे देखने के लिए पूरा गांव ही उमड़ पड़ा। मोबाइल निकालकर लोग इस अनूठे ब्याह समारोह की वीडियो बनाने लग गए।
फीला तलाईयां निवासी रूपलाल रावत की पुत्री सविता की शादी से पूर्व निकली बिंदोली आकर्षण का केन्द्र रही। घोड़ी की बजाय हाथी पर बिंदोली निकाली गई। क्षेत्र में पहली बार हाथी पर बिंदोली चर्चा का विषय बनी रही। बिंदोली पूरे गांव में निकाली गई। जिसने भी सुना कि हाथी पर बिंदोली निकल रही है तो देखने दौडे चले आये।
दुल्हन के पिता ने बताया कि मन्नत मांगी थी कि बेटी होने पर शादी के दौरान हाथी पर बिंदोली निकालेंगे। उन्होंने कहा कि जब लडक़े के लिए खूब खर्च किया जाता है तो लडकियों के लिये क्यों नहीं। बेटी का मान बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया। बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं हो। यह शादी शनिवार को होने वाली है और चर्चा का विषय बनी हुई है।
वहीं दूसरी ओर...
उदयपुर में बाल विवाह रोकने के लिए सरकार स्तर पर लाख जतन के बावजूद जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर सेमारी क्षेत्र के मेड़ी की ढाणी व सिंहपुर गांव में एक आटा-साटा के तहत बाल विवाह में 12 वर्ष की एक मासूम बालिका वधू अपने ससुराल आ गई तो एक 9 वर्ष की मासूम दुल्हन बनने से रोक लिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वधू बनकर ससुराल आई बालिका को परिजनों के साथ पुन: उसके गांव रवाना किया। इस बीच, दस्तावेजों की जांच में दुल्हन बनने से बची मासूम का दूल्हा भी नाबालिग निकला। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी को पाबंद किया। पुलिस को बुधवार शाम को सेमारी से पांच किलोमीटर दूर मेडी की ढाणी गांव में बाल विवाह की सूचना मिली थी।
Published on:
20 Apr 2019 10:46 am
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