
राजस्थानी साहित्य महोत्सव का आगाज
उदयपुर . लोककला, साहित्य और संस्कृति को विश्वव्यापी मंच प्रदान करने के प्रयोजन से राजस्थान साहित्य महोत्सव 'आडावल' का आगाज शुक्रवार को हुआ। उद्घाटन सत्र हिरणमगरी सेक्टर-4 स्थित राजस्थान साहित्य अकादमी सभागार में पहले दिन राजस्थान के पुरा ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा की गई। संयोजक शिवदान सिंह जोलावास ने बताया कि उद्घाटन सत्र में भानु भारती, श्रीपाल शक्तावत, दिगेंद्र कुमार सिंह, साधना कोठारी, आईदान सिंह भाटी आदि ने विचार रखे।
मौलिक ऑर्गेनाइजेशन के शिवराज सोनवाल ने बताया कि प्रथम सत्र में राजस्थान के पुरा ऐतिहासिक महत्व विषय पर डॉ. रीमा हूजा, डॉ. जीवन खरकवाल, सुखदेव राव आदि ने भाषा के मुद्दे को स्वाभिमान, रोजगार, अस्मिता, कला व संस्कृति से जुड़े रहने के महत्व को रेखांकित किया।
इसके अलावा शाम को सुविवि स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में संगीत संध्या के दौरान कपिल पालीवाल के निर्देशन में वसीम जयपुरी और दिनेश वर्मा की जुगलबंदी ने राजस्थानी मिट्टी से जुड़े मधुर सुरों की बारिश से श्रोताओं को भिगो दिया। इसमें जयपुर घराने के उभरते गायक वसीम जयपुरी के गाए केसरिया बालमसहित ठरकी छोकरो, नींबूड़ा-नींबूडा और आवे हिचकी जैसे गीतों ने राजस्थानी साहित्य महोत्सव में चार चांद लगा दिए।
इसी क्रम में शनिवार सुबह ९ बजे ढोला मारू और पुरस्कृत बाल फिल्म गौरू का प्रदर्शन सुविवि सभागार में होगा। इसी दिन दोपहर २ बजे से अकादमी सभागार में राजस्थानी भाषा पर विचार-विमर्श तथा अगले दो दिन भी देश के ख्यात लेखक, विचारक और कला मर्मज्ञ चर्चा करेंगे।
राजस्थानी काव्य संध्या आज
शाम को राजस्थानी काव्य संध्या में आईदान सिंह भाटी, मुकुट मणिराज, सोहन चौधरी, राजकुमार बादल, पुरूषोत्तम पल्लव, हिम्मत सिंह उज्जवल, उपेंद्र अणु, दीपसिंह भाटी, अभिलाषा पारीक, रतनसिंह चंपावत, हरेंद्र सिंह सोडा, रवि कुमार, दिग्विजय सिंह आदि वीर और श्रृंगार रस में राजस्थानी काव्य पाठ करेंगे।
Published on:
06 Jul 2019 04:26 pm
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