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जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा ‘भगवान का भक्त’ रामू, प्रतिदिन 40 लीटर ड्रिप चढ़ रही

उदयपुर शहर में चर्चित रहे रामू के हाल चाल जानने रोज जीवप्रेमियों का तांता लगा हुआ है। वे इसके शीघ्र स्वस्थ होने की आवरी माता से प्रार्थना कर रहे हैं।

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75 वर्षीय हाथी रामू

उदयपुर के आवरी माता मंदिर परिसर में हाथी रामू का उपचार करते चिकित्सक। पत्रिका

उदयपुर। 75 वर्षीय हाथी रामू पिछले कई दिनों से जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है। शहर में कोई भी शोभायात्रा हो या धार्मिक आयोजन रामू अपनी मौजूदगी दर्ज कराता था। वह सांवरिया सेठ, चारभुजाजी समेत कई स्थलों पर अक्सर धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होता रहा है। करीब दो माह से उसकी तबीयत खराब है। आवरी माता मंदिर परिसर में लेटा रामू कराह रहा है। शहर में चर्चित रहे रामू के हाल चाल जानने रोज जीवप्रेमियों का तांता लगा हुआ है। वे इसके शीघ्र स्वस्थ होने की आवरी माता से प्रार्थना कर रहे हैं। संकट मोचक हनुमान मंदिर के पुजारी नरेशदास ने बताया कि 45 साल से यह हाथी उनके पास है। पिछले साल दिसम्बर में वे कुंभ गए तो पीछे हाथी बीमार पड़ गया। वह कई दिन तक एक ही जगह पर खड़ा रहा। इससे उसके पैरों में घाव हो गए। हाथी उनका पुराना साथी है।

उपचार में जुटे वनतारा और मथुरा के चिकित्सक

हाथी रामू की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो वन विभाग और एनिमल लवर्स ने देश के विभिन्न स्थानों पर विशेषज्ञों से सम्पर्क किया। दो दिन पूर्व ही गुजरात के वनतारा और मथुरा के विशेषज्ञाें की टीम उदयपुर पहुंची। पशु पालन विभाग के उप निदेशक डॉ सुरेश जैन द्वारा गठित कमेटी के सदस्य डॉ शैलेन्द्र शुक्ला, डॉ महेन्द्र मेहता, डॉ करमेन्द्र प्रताप एवं वन विभाग की देखरेख में वन तारा जामनगर के हाथी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ गोविन्द, मथुरा वाइल्ड़ लाइफ एस.ओ.एस. हाथी विशेषज्ञ पशु चिकित्सक डॉ प्रमोद के निर्देशन में इलाज किया जा रहा है। उप वन संरक्षक वन्यजीव उदयपुर सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य वन संरक्षक एस.आर.यादव के निर्देशन में हाथी के उपचार के लिए उचित प्रबंधन किए गए हैं।

बीमार चल रहे रामू के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना

पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त अतिरिक्त निदेशक डॉ शरद अरोड़ा से भी मार्गदर्शन लिया जा रहा है। वर्तमान में हाथी किसी अन्य स्थल पर ले जाने की स्थिति में नहीं है। इस कारण समूचा उपचार आवरी माता मंदिर परिसर में ही किया जा रहा। एक्स-रे पॉर्टेबल 80 एम.ए. मशीन से उपचार किया जा रहा है। उसके शरीर और पैरों में हुए घाव की ड्रेसिंग कर लेज़र थैरेपी दी गई है। प्रतिदिन करीब 40 लीटर ड्रिप चढ़ रही है। हाथी को टेन्ट लगाकर कुशनिंग बैग्स पर लेटाने की व्यवस्था की गई है। वन कर्मी मौके पर तैनात हैं। एनिमल लवर सीमा अरोड़ा का कहना है कि बीमार चल रहे रामू के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

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