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बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं साहब, बच्चों का कोर्स पूरा ही नहीं, शिक्षकों का प्रशिक्षण बंद करिए.. अ​भिभावकों ने लगाई मुख्यमंत्री से गुहार

सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के परेशान अभिभावकों ने विधायक के माध्यम से मुख्यमंत्री को दिया ज्ञापन, प्रशिक्षण बंद कराने की मांग, शिक्षा विभाग बजट खत्म करने के चक्कर में शिक्षकों को निरंतर दैनिक प्रशिक्षण करवा रहा-

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राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं नजदीक आ चुकी हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षणों में उलझा रखा है, जबकि कई स्कूलों में कोर्स अधूरा है तो कई जगह पहले से ही शिक्षकों का अभाव है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे परेशान अभिभावकों ने उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा के माध्यम से मंगलवार को उदयपुर आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को ज्ञापन देकर प्रशिक्षण बंद कराने की मांग की। गौरतलब है कि 12वीं की परीक्षाएं 29 से और 10वीं की परीक्षाएं 7 मार्च से शुरू होने जा रही हैं।

पहले से ही स्टाफ की कमी, आधा स्टाफ प्रशिक्षणों में व्यस्त

दरअसल, इन दिनों राजस्थान राज्य एवं प्रशिक्षण परिषद जयपुर की ओर से आदेश जारी कर डाइट, अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी तथा मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के माध्यमों से फरवरी माह में बजट खत्म करने के चक्कर में शिक्षकों के निरन्तर प्रशिक्षण आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें 10 दिवसीय आवासीय और 4 से 6 दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण शामिल हैं । एक-एक विद्यालय से 2 से 3 शिक्षकों व विषय अध्यापकों को प्रशिक्षण में बुलाया जा रहा है, जबकि कई स्कूलों में कम स्टाफ है, उसमें से भी आधा स्टाफ प्रशिक्षण में जा रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई पूरी नहीं हो पा रही है।

अभिभावकों ने की प्रशिक्षण रुकवाने की मांग

ग्रामीण क्षेत्र के काया, छोटी उंदरी, बलीचा आदि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों प्रकाश चंद्र मीणा, सुरेश, देवीलाल, मांगीलाल, हकलाजी, शांतिबाई आदि ने इस संबंध में ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप कर शिक्षकों का प्रशिक्षण रुकवाने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि बच्चों की बोर्ड परीक्षा शुरू होने जा रही है, जिसकी तैयारी बिल्कुल नहीं करवाई गई है। कोर्स पूरा ही नहीं हुआ है। कई स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों का अभाव है, जो शिक्षक बचे हैं वे भी प्रशिक्षणों में जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई व तैयारी प्रभावित हो रही है, इसलिए सभी तरह के प्रशिक्षण बंद करवा कर शिक्षकों को कोर्स पूरा कराने व बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाने के लिए पाबन्द किया जाए।