
उदयपुर डेयरी की पूर्व अध्यक्ष गीता पटेल सहित 42 जनों को कोर्ट से मिली राहत
जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (उदयपुर डेयरी) में वित्तीय अनियमितताएं मानते हुए पूर्व अध्यक्ष डॉ. गीता पटेल सहित 42 जनों से वसूली किए जाने के मामले में नोटिस थमाए गए थे। मामले को न्यायिक प्रक्रिया में लाकर चुनौती देने वाली पूर्व अध्यक्ष डॉ. पटेल को कोर्ट से स्टे मिल गया है।
मामले को लेकर पूर्व अध्यक्ष डॉ. पटेल की ओर से संचालक मंडल सदस्य कोट कुराबड़ निवासी भैरुलाल पटेल पुत्र सवाजी ने याचिका दायर की थी। विपक्षी कॉपरेटिव सोसायटी रजिस्ट्रार, कॉपरेटिव विभागीय मंत्री और राजस्थान कॉपरेटिव डेयरी फेडरेशन संस्थागत विभागीय अधिकारी के विरुद्ध याचिका दायर की गई। इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विनयकुमार माथुर ने रजिस्ट्रार के 30 मई और 22 जुलाई के नोटिस पर स्थगन देते हुए जवाब मांगा है।
यह था मामला
डेयरी की पूर्व चेयरमैन डॉ. पटेल सहित 42 पूर्व पदाधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता करना मानते हुए नोटिस जारी किए गए थे। इनसे डॉ. पटेल से 1.39 लाख और सभी पर कुल 86.15 लाख की वसूली करना बताया गया था। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फैडरेशन के संस्थागत विकास अधिकारी की ओर से कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।
उठा-पटक की कुछ वजह
संचालक मंडल खत्म होते ही उदयपुर डेयरी के चुनाव कराए जाने हैं। भाजपा समर्थित डॉ. गीता पटेल तीन बार डेयरी चेयरमैन रह चुकी है, वहीं फिर चुनाव की तैयारी में है। इसके विपरीत कांग्रेस समर्थित पूर्व चेयरमैन जग्गाराम पटेल, डालचंद पटेल और पूंजीलाल भी चुनावी तैयारी में है।
इस तरह चलता रहा घटनाक्रम
- राजसमंद में नई डेयरी बनते ही संचालक मंडल के अल्पमत में आने से मई में डेयरी चेयरमैन व पांच संचालक मंडल सदस्यों ने इस्तीफे दिए। प्रशासक पद पर कलक्टर ताराचंद मीणा ने कार्यभार ग्रहण किया था। को ऑपरेटिव सोसायटी राजस्थान के रजिस्ट्रार मुक्तानंद अग्रवाल ने 24 मई को आदेश जारी करके कलक्टर को 6 माह के लिए प्रशासक नियुक्त किया।
- संचालक मंडल पर सहकारी सोसायटी अधिनियम व संघ के पंजीकृत उपनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन पर 1 मई को नोटिस देकर 24 मई तक जवाब मांगा था। दूसरी ओर 17 मई को राजसमंद में डेयरी गठन कर दिया, जिससे 7 सदस्यों में से एक राजसमंद जिले का था तो यहां संचालक मंडल अल्पमत में आ गया।
- उदयपुर में पांच सदस्य चुन्नीलाल पटेल, रूपसिंह राठौड़, देवीलाल डांगी, गोविंद राम डांगी व भैरूलाल पटेल ने 19 मई को इस्तीफा तत्कालीन चेयरमैन डॉ. गीता पटेल को दिया था। पटेल ने स्वीकार करते हुए स्वयं का इस्तीफा भी आरसीडीएफ को दे दिया।
नोटिस जारी करना सिस्टम का दुरुपयोग है। प्रदेश में कई डेयरी संघों में उपहार की परंपरा है। कुछ लोगों की साजिश थी, जिससे छवि धुमिल की जा सके और चुनाव नहीं लड़ सकूं। हमने कोर्ट की शरण ली, जहां से स्थगन आदेश मिल गया है। जांच में सारा सच सामने आ जाएगा।
डॉ. गीता पटेल, पूर्व अध्यक्ष, उदयपुर डेयरी
Published on:
08 Nov 2022 01:53 am
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