उदयपुर. पिछले एक सप्ताह में पुलिस से जुड़े एक जैसे दो घटनाक्रम हुए। एक मामला डूंगला थाने से संबंधित था, जिसमें फोन पर पुलिसकर्मी को धमकाने, अपशब्द बोलने पर मंत्री गौतम दक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। दूसरा घटनाक्रम सवीना थाने का है, जिसमें कैफे संचालक की ओर से कांस्टेबल को कॉल पर धमकाते हुए अपशब्द कहे गए। लेकिन, पुलिस का दोहरा चरित्र देखिए कि रेस्टोरेंट संचालक पर केस दर्ज करने के बजाय उल्टा कांस्टेबल के खिलाफ ही रिपोर्ट बना दी गई।पुलिसकर्मियों को धमकाने के दोनों मामलों में अलग-अलग तरह की कार्रवाई ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ बेइज्जती पर पुलिसकर्मी का जमीर जागा तो दूसरी तरफ कांस्टेबल के अपने ही बेवफा क्यों हो गए। क्या सवीना थाना पुलिस ने प्रभावशाली के दबाव में आकर इस तरह का रुख अपनाया है।