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निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर ने हाथ खींचे, आरजीएचएस भुगतान अटका

उदयपुर. राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत भुगतान में देरी का असर अब उदयपुर जिले में साफ दिखने लगा है। सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिजनों को इलाज और दवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जगहों पर कैशलेस दवा सुविधा प्रभावित हो चुकी है और मरीजों को खुद पैसे देकर दवा खरीदनी पड़ […]

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उदयपुर. राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत भुगतान में देरी का असर अब उदयपुर जिले में साफ दिखने लगा है। सरकारी कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिजनों को इलाज और दवाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जगहों पर कैशलेस दवा सुविधा प्रभावित हो चुकी है और मरीजों को खुद पैसे देकर दवा खरीदनी पड़ रही है। आरजीएचएस योजना के तहत निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को सरकार की ओर से भुगतान किया जाता है, लेकिन पिछले 8-9 महीनों से यह भुगतान अटका हुआ है। इससे अस्पताल संचालकों और दवा विक्रेताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। उनका कहना है कि लंबे समय तक बिना भुगतान के सेवाएं देना संभव नहीं है।

---बढ़ते खर्च से व्यवस्था संभालना मुश्किल

शहर के कई निजी अस्पताल और मेडिकल स्टोर ने कैशलेस सुविधा बंद कर दी है। वे चेतावनी दे रहे हैं कि लंबित भुगतान और धीमी रिफंड प्रक्रिया के चलते अब मरीजों को सीधे कैश या डिजिटल भुगतान करना होगा। कुछ अस्पतालों और स्टोर्स में यह सुविधा पहले ही सीमित कर दी गई थी। इसके कारण मरीजों को इलाज और दवाइयों के लिए तुरंत भुगतान करना पड़ रहा है, जबकि पहले वे कैशलेस सुविधा का लाभ उठा सकते थे। अस्पताल संचालकों का कहना है कि दवाएं, स्टाफ और अन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं मिलने से व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया है।---

होलसेलर्स ने उधार में सप्लाई रोकी

मेडिकल होलसेलर्स ने लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण दवाएं उधार में देना बंद कर दिया है। जानकारी के अनुसार, उदयपुर के सहकारी भंडारों का ही करीब 23 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में होलसेलर्स अब नई दवाएं देने से इनकार कर रहे हैं।---

पेंशनर्स और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित

आरजीएचएस योजना पर निर्भर पेंशनर्स और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। शहर मे करीब 30 हजार पेंशनर्स है । कई मरीजों को मजबूरी में निजी मेडिकल स्टोर्स से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। वहीं कुछ लोग इलाज टालने को मजबूर हैं।--

समय पर समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी

यदि जल्द ही भुगतान की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो उदयपुर में आरजीएचएस के तहत कैशलेस इलाज और दवा वितरण पूरी तरह बंद हो सकता है। इससे हजारों मरीजों को इलाज में दिक्कत आएगी और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।---

होलसेलर्स से दवाओं की सप्लाई प्रभावित होने के कारण हम केवल सीमित स्टॉक के आधार पर काम चला रहे हैं। मरीजों को दवाइयां समय पर उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन सप्लाई में बाधा के चलते कुछ असुविधा हो रही है। निरंतर विभाग के संपर्क में है।डॉ. प्रमोद कुमार, महाप्रबंधक, सहकारी उपभोक्ता भंडार, उदयपुर

---हर साल मार्च के महीने में भुगतान अटकने से ऐसी स्थिति बनती है। हमारी मांग की है कि सरकार फरवरी में ही भुगतान कर दे, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। इसका सीधा असर दवा उपलब्धता पर पड़ रहा है और मरीजों को जरूरी दवाएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं।

भंवर सेठ, अध्य्क्ष पेंशनर समाज , उदयपुर