राजस्थान सरकार के भरोसे बैठा नगर निगम
मुकेश हिंगड़ / उदयपुर. कोरोना से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदारी किसी की बनती है तो वह जनता के बाद नगर निगम की है। प्रदेश की छोटी से छोटी निकाय और जिनकी तिजोरी में धन नहीं है वह भी इस समय सक्रिय होकर काम कर रही है। हमारे संभाग की ही बात करें तो बांसवाड़ा-डूंगरपुर जैसे छोटे जिलों में भी तेजी से नगर परिषद काम कर रही है लेकिन उदयपुर में हमारी निकाय को दर्जा तो नगर निगम का है लेकिन कोरोना को लेकर काम बड़े स्तर पर नहीं किया जा रहा है। कहने को तो उदयपुर में नगर निगम के पांच वाहन व दो दमकल सेनेटाइजर का काम कर रही है लेकिन ज्यादातर लोगों का एक ही जवाब है कि उनका इलाका सेनेटाइजर नहीं हुआ है। यहीं नहीं अभी तंग गलियों व ऑफिसों के अंदर तो सेनेटाइजर के कोई प्रबंध नहीं है। नगर निगम इस मामले में फेल दिख रही है और लगता है कि वह प्रदेश की सरकार के भरोसे है। यह लोगों की प्रतिक्रिया है। कोरोना को लेकर नगर निगम के बारे में शहरवासियों की प्रतिक्रियाएं ही बता रही है कि नगर निगम कितना काम कर रही है-
प्लान वे में नहीं कार्य
कोरोना वायरस से बचाव के लिए नगर निगम ने जो शुरूआत की है वह प्लान वे में नहीं की। वायरस को समाप्त करने के लिए जो छिडक़ाव आनन-फानन में शुरू किया गया वह अधिकारियों की अयोग्यता एवं असफलता दिखाता है। सेनेटाइजर करते हुए एक वीडियो जो वायरल हुआ है वह सफलता को भी बता रहा है।
- एस.के.श्रीमाली, सेवानिवृत अतिरिक्त मुख्य नगर नियोजक राजस्थान
बांसवाड़ा से पीछे हम
शहर में पूरी तरह से सेनेटाइजर का छिडक़ाव नहीं किया जा रहा है। बांसवाड़ा में जिस तरह से काम किया गया है उससे तो उदयपुर बड़ा है। यहां और तेजी से यह कार्य होना चाहिए।
- प्रो. आई.वी. त्रिवेदी, पूर्व वाइंस चांसलर सुविवि
बहुत काम करना है
अभी मैने महापौर को बताया है कि शहर में नालियां चॉक हो रही है यह मच्छर बढ़ाएगी तो साफ है कि बीमारियां बढ़ेगी। ऐसे समय में नगर निगम को इन कार्यों को प्राथमिकता से करना चाहिए। अभी निगम के पार्षदों को भी बुलाकर जरूरतमंदों के काम में लगाना चाहिए।
- दलपत सुराणा, सामाजिक कार्यकर्ता
कोई आया ही नहीं
शोभागपुरा, मीरानगर, भुवाणा सर्कल आदि की तरफ सेनेटाइजर का कोई काम नहीं हुआ है। यहां से प्रतापनगर व अम्बेरी की तरफ रास्ता जाता है। जिसकी भी जिम्मेदारी है लेकिन कोई नहीं आया है। यह शहर का प्रवेश द्वार है लेकिन इस तरफ काम ही नहीं हुआ है। महापौर और टीम कोई नहीं आए। इस समय यूआईटी व नगर निगम की बात करने की बजाय सेनेटाइजर करना चाहिए।
- मनीषा कपूर, गृहणी भुवाणा
ये लोग भी बोले नहीं हुआ सेनेटाइजर
- प्रवीण छापरवाल : हमारा क्षेत्र नगर निगम की ब्राउंडी से १०० मीटर पर ही है लेकिन कोई नहीं आया है।
- हार्दिक शर्मा : सेक्टर चौदह के जे ब्लॉक की कॉलोनी एवं नेला रोड की तरफ बड़ी संख्या में लोग रहते है लेकिन यहां सेनेटाइजर नहीं हुआ है।
- अहमद रज्जाक खान : यह काम तो किया जा रहा है लेकिन वीआईपी एरिया में ही।
- सीमा त्यागी : गणपति नगर मैन रोड, उत्तरी सुंदरवास, बोहरा गणेशजी मैन रोड पर भी नहीं हुआ है।
- सुमित माहेश्वरी : सेक्टर तीन एकलिंग कॉलोनी में भी नहीं हुआ है।
- अनूप जैन : नगर निगम की ओर से शहर में सेनेटाइजर का छिडक़ाव सभी इलाकों में नहीं किया जा रहा है।
-मंयक सैनी : पुलिस लाइन, आदर्श नगर, गायरियावास आदि क्षेत्रों में नहीं किया गया छिड़क़ाव।
- अनाब्या नूर अनू : सेक्टर 11 रोशन कॉलोनी उदयपुर में सेनेटाइजर नहीं हुआ है।
- रवीन्द्र अग्रवाल : नवरत्न कॉम्पलेक्स के पूरे इलाके में भी सेनेटाइेशन नहीं हुआ है।
- मुकेश सिंघवी : नगर निगम से सटे शोभागपुरा क्षेत्र भले ही यूआईटी की सीमा है लेकिन इसकी भी कोई तो सुध लेगा। ज्योति नगर, आशीर्वाद नगर आदि क्षेत्र यहां आते है।
लोग बोले यहां भी नहीं हुआ छिडक़ाव
- वार्ड २ के अम्बामाता क्षेत्र
- रेडिसन ब्लू होटल वाली रोड
- हिरणमगरी पूजा बेकरी वाली रोड, पानेरियों की मादड़ी
- वार्ड ६५ के न्यू भूपालपुरा में, न्यू भूपालपुरा के वृंदावन धाम में
- मधुवन व खारोल कॉलोनी
- वार्ड ९ गजसिंह की बाड़ी
- सेक्टर चार सर्वोत्तम कॉम्पलेक्स वाला इलाका
- सेक्टर १४ एल ब्लॉक, सेक्टर आठ न्यू लक्ष्मी नगर
- मुर्शीद नगर सविना, मनीष विहार रूपनगर न्यू आरटीओ
- किशनपो सालवी कॉलोनी
- सेक्टर १३ बाबेल साहब की बाड़ी
- पारस महल होटल के पीछे
- टेकरी, दक्षिणी सुंदरवास
- केशवनगर, रूपसागर रोड में आए लेकिन अधूरा
- न्यू आरटीओ रोड, एकलिंगपुरा रोड