4 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पैंथरों को बचाने के लिए कानून का डर दिखाना होगा

संभाग भर से आए अधिकारी और एक्टिविस्ट
less than 1 minute read
Google source verification
panther

panther

पैंथरों को आए दिन बर्बरता से मारने की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए लोगों की भीड़ को भी कानून का डर दिखाना होगा। भय बिन होय न प्रीत... उक्ति को सार्थक कर सख्ती दिखानी होगी, तभी ऐसी घटनाओं पर नियंत्रण होगा। यह विचार सोमवार को वन्यजीव प्रभाग की ओर से आरसीए में आयोजित संभाग के वन्यजीव एक्शन प्लान ड्राफ्ट के लिए सुझावों पर सामने आई।

राजस्थान: फिर कहां से लाएंगे प्यास बुझाने के लिए पानी?


पक्षी और वन्यजीवों के जानकार विनय दवे ने कहा कि जिस प्रकार से ये घटनाएं बढ़ी हैं उसको देखकर लगता है कि बिना कानून के डंडे के काम नहीं चलेगा। पुराने संसाधनों पर आना होगा। जंगल में रहने वालों की मदद लेनी होगी। वन्यजीव संरक्षण के लिए जनता में जागरूकता लाने के लिए धर्म गुरुओं की मदद लेनी होगी। इस दौरान सीसीएफ राहुल भटनागर, डीएफओ टी. मोहनराज, चित्तौडग़ढ़ डीएफओ मुकेश सैनी, राजसमंद डीएफओ कपिल चन्द्रावल, डीएफओ सुहैल मजबूर, सहायक वन संरक्षक डॉ. सतीशकुमार शर्मा सहित कई वक्ताओं ने अपनी बात रखी। कार्यशाला में आए जानकारों को पांच-पांच ग्रुपों में बिठाया और उनसे सुझावों पर समीक्षा कराई। संभाग एक्शन प्लान के सुझाव सरकार को भेजे जाएंगे। वहां राज्य का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा।

मेवाड़ में पैंथर के संरक्षण के एेसे दिए सुझाव, हर हाल में बचाने होंगे वन्यजीव