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71 प्रतिशत लोग बोले, स्कूल बैग्ज का वजन नहीं हुआ कम, बच्चे ढो रहे बोझ

राजस्थान पत्रिका की ओर से किए गए सर्वे में आया सामने

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Heavy school bag

Heavy school bag

स्कूल बैगों का बोझ कम करने को लेकर लंबे समय से प्रयास चल रहे हैं। देश में स्कूल बैग पॉलिसी 2020 लागू है, लेकिन इसकी पालना अब तक नहीं हो रही। ऐसे में बैग्स का वजन आज भी दोगुना ही है। इस बात को अभिभावक भी स्वीकार करते हैं। लगभग 71 प्रतिशत लोग ये मानते हैं कि स्कूल बैग्ज का वजन कम नहीं हुआ है। राजस्थान पत्रिका की ओर से किए गए एक सर्वे में ये बात सामने आई है। सर्वे में कई और प्रश्न पूछे गए। जानिए, इन सवालों का क्या जवाब मिला, कितने प्रतिशत लोग बोले हां और ना...

70.3 बोले, स्कूल भेजने के बाद भी ट्यूशन जाते हैं बच्चे

सर्वे में ये बात भी सामने आई कि बच्चों के लिए स्कूल की पढ़ाई काफी नहीं है। अभिभावकों को बच्चों को स्कूल के बाद ट्यूशन भेजने की जरूरत भी पड़ती है। केवल 29.7 प्रतिशत ने कहा कि वे बच्चों को ट्यूशन नहीं भेजते हैं। इसी तरह एक अन्य सवाल के जवाब में 40.6 प्रतिशत अभिभावकों ने माना कि स्कूल में बच्चों को अत्यधिक होमवर्क दिया जाता है।

स्कूल बैग नीति के अनुसार इतना होना चाहिए बैग का वजन -

कक्षा 1 से 2 - 1.6-2.2किग्रा.

कक्षा 3 से 5 - 1.7- 2.5 किग्रा.

कक्षा 6 से 7 - 2.0-3.0 किग्रा.

कक्षा 8 से 10 - 2.5-4.0 किग्रा.

कक्षा 11-12 - 3.5-5.0 किग्रा.

राष्ट्रीय स्कूल बैग नीति 2020

शिक्षा निदेशालय ने एनसीईआरटी द्वारा जारी नई 'स्कूल बैग नीति, 2020’ की अनुपालना को नवंबर 2020 में ही आदेश जारी किया था। नीति के अनुसार छात्रों के स्कूल बैग का वजन उनके शरीर के वजन का 10 प्रतिशत ही होना चाहिए। शिक्षकों को बताना होगा कि किस दिन कौन सी किताब- नोटबुक लानी हैं। कक्षा 2 तक होमवर्क नहीं दिया जाएगा। कक्षा 3, 4, 5 के लिए प्रति सप्ताह 2 घंटे होमवर्क, कक्षा 6,7, 8 के लिए प्रतिदिन 1 घंटा होमवर्क तथा कक्षा 9 से 12 के लिए प्रतिदिन दो घंटे से ज्यादा का होमवर्क नहीं दिया जाएगा।