सिख धर्म के प्रथम गुरु नानक देवजी का प्रकाश पर्व सोमवार को मनाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारों में सुबह से देर रात तक विशेष धार्मिक आयोजन हुए। गुरुद्वारों में अलसुबह से लंगर की सेवा के साथ ही अखंड पाठ और सहज पाठ साहिब का समापन हुआ। इसके बाद रागी जत्थों के दीवान सजे। इनमें शहर और बाहर से आए रागी जत्थों ने शबद-कीर्तन किए। दोपहर से रात तक लंगर बरताया गए। रात को आतिशबाजी कर गुरु के प्रकाश पर्व की खुशियां मनाई गई। सेक्टर-11 स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु अरजन दरबार के अध्यक्ष इंद्रजीत ङ्क्षसह सोनी ने बताया कि गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व को लेकर दो दिन से चल रहे अखंड पाठ साहब का समापन सुबह हुआ। इसके बाद निशान साहब का चोला बदला और इन्दौर के रागी जत्थे ज्ञानी जोङ्क्षगदर ङ्क्षसह खालसा ने शबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया। दस बजे दीवान की समाप्ति हुई। इस खुशी में संगत की तरफ से लंगर बरताया गया।सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक रक्तदान शिविर लगाया गया। इसमें 25 यूनिट रक्तदान हुआ। रक्तदान के संजोयक सिख समाज और ङ्क्षसधी समाज सेक्टर-11-13 रहे। दूसरा दीवान 11 बजे शुरू हुआ। इसका समापन दोपहर 2 बजे हुआ।
सचिव अमरजीत ङ्क्षसह चावला ने बताया कि संरक्षक परमजीत ङ्क्षसह ने गुरु नानक देव की जीवनी पर प्रकाश डाला। दीवान की समाप्ति के बाद गुरु के अटूट लंगर की सेवा हुई।शाम 7 बजे बच्चों ने गुरु नानक देव पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें 35 बच्चों ने भाग लिया। रात को 8 बजे अटूट लंगर शुरु हुआ। रात 8.30 से 10.30 रागी जत्थे और महिला जत्थे ने शबद-कीर्तन से संगत को निहाल किया। समाप्ति उपरान्त दूध के लंगर की सेवा हुई और आतिशबाजी की गई। शास्त्री सर्कल स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु ङ्क्षसह सभा में गुरु नानक देव जी की जयंती के उपलक्ष्य में 25 नवंबर से शुरू हुए अखंड पाठ की का समापन सोमवार सुबह हुआ। लुधियाना से आए रागी जत्थे बलेश्वर ङ्क्षसह ने कीर्तन किया। गुरुद्वारा श्री गुरु ङ्क्षसह सभा के प्रधान देवेन्द्र ङ्क्षसह पाहवा ने गुरु नानक देव की जीवनी के बारे में बताया। दोपहर में गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। रात को रागी जत्था रंगरेज ङ्क्षसह ने कीर्तन किया। उसके बाद लंगर बरताया गया और आतिशबाजी की गई। प्रतापनगर स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक दरबार में 3 दिन तक पर्व मनाया गया। इन तीन दिनों में शबद-कीर्तन, सुखमनी पाठ और गुरु का लंगर बरताया गया। इससे पूर्व 20 दिन तक प्रभात फेरी निकाली गई। सिख कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा सचखंड दरबार के अध्यक्ष धर्मवीर ङ्क्षसह सलूजा ने बताया कि अलसुबह से लंगर की सेवा शुरू हुई। इसमें समाज के हर उम्र के लोगों ने सहयोग किया। श्री सहज पाठ साहब जी के समापन के बाद रागी भाई सुरजीत ङ्क्षसह रसीला हजूरी रागी बांग्ला साहिब गुरुद्वारा दिल्ली वालों ने संगत को निहाल किया। गुरु पूरब की खुशी में गुरुद्वारा साहिब में फूलों से सजावट और रोशनी की गई। दोपहर और रात को लंगर बरताया गया। रात 11 बजे आतिशबाजी कर खुशी मनाई गई।इस अवसर पर कमेटी की ओर से रक्तदान शिविर भी लगाया गया।