
जगदीश मंदिर में मंगलवार को शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। इस दौरान मंदिर में सुबह से विविध आयोजन हुए।

ठाकुरजी मंदिर के बाहर चंद्रमा की धवल रोशनी में बाहर करीब 10.30 से 11 बजे तक बिराजे। इस दौरान मंदिर में भक्तों ने भजन कीर्तन किये।

मंदिर में रथ समिति की ओर पांच क्विंटल खीर बनाई गई जो शाम को भक्तों को प्रसाद में वितरित की गई। शरद पूर्णिमा के साथ बुधवार से प्रभु को शीत ऋतु के वस्त्र और भोग धरना शुरू हो जाएगा

श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी कैलाश पुरोहित ने बताया कि हवेली में आज शरद पूर्णिमा मनाई जाएगी। शाम को शयन के दर्शन के बाद ठाकुरजी कमल चौक में महारास के भाव से विराजित होंगे। ठाकुरजी को खीर और मेवा बाटी का भोग लगाया जाएगा।

धवल रोशनी से नहाई पिछोला झील.... शरद पूर्णिमा की सुरमयी शाम को चांद की धवल रोशनी पिछोला झील की शांत लहरों पर पड़ी तो कुछ इसी तरह का नजारा बन पड़ा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो चांद व लहरों के बीच जुगलबंदी चल रही हो।

धवल रोशनी से नहाई पिछोला झील...

धवल रोशनी से नहाई पिछोला झील....

भगवान जगदीश को शरद पूर्णिमा पर श्वेेेत वस्त्र धराए

जगदीश मंदिर में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु