
उदयपुर. शरद पूर्णिमा के मौके पर मंगलवार को शहर के कई मंदिरों में कार्यक्रम हुए। वहीं, बुधवार को भी पूर्णिमा तिथि होने से आयोजन होंगे। इसके तहत जगदीश मंदिर व श्रीनाथजी मंदिर में शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। जगदीश मंदिर में ठाकुरजी को सफेद जरी का शृंगार व मुकुट धारण कराया गया व महारास की सेवा हुई। ठाकुर जी को खीर, चपड़ा, ककड़ी व अन्य व्यंजनों का भोग धराया गया। संध्या आरती के बाद ठाकुर जी को चंद्रमा की धवल चांदनी में बिठाया गया। वहीं, श्रीनाथजी हवेली स्थित श्रीनाथजी मंदिर में ठाकुरजी कमल चौक में पधारे व सफेदी बिछात हुई। ठाकुरजी को सफेद सामग्री व खीर का भोग धराया गया। इधर, भारत विकास परिषद आजाद की ओर से बड़वासन माताजी में पूजा-अर्चना व सामूहिक आरती कर शरद पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया।
वहीं, फतहसागर रोड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में स्थित राधा कृष्ण और लक्ष्मी नारायण मंदिर में शरद पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई। प्रतिमाओं का भव्य शृंगार किया गया। झूले पर लड्डू गोपाल जी की आकर्षक झांकी सजाई गई। शाम 7 बजे 501 दीयों से महाआरती की गई और 101 किलो की खीर का भोग लगाया गया।
21 किलो खीर का भोग धरा, 101 दीपक से की महाआरती
राधा बिहारी मंदिर हरिदासजी की मगरी में राधा बिहारी युगल जोड़ी को पीला वस्त्र,चक्राकार वेलवेट पिछवाई, पीला आसन शोभित ऋतु पुष्पमाला, गुलाब इत्र, गूगल धूप, सुगंधित धूप बत्ती की खुशबू से महकते वातावरण में आम की लकड़ी पर 21 किलो खीर तैयार करके प्रभु जी को निवेदित किया गया। महन्त इन्द्रदेव दास ने बताया कि शाम 7.30बजे युगल जोड़ी के सम्मुख खीर, पांच फल, पंचामृत, पंचमेवा, माखन, मिश्री ,चपड़ा, ककड़ी का नैवेद्य निवेदित किया गया तथा गर्भगृह में फूलों की आकर्षक रंगोली बनाकर ढोल नगाड़ों के बीच 101 दीपक से भव्य महाआरती उतारी गई। इसके बाद खीर प्रसाद को धवल चांदनी में रखकर भक्तों में वितरित किया गया।
Published on:
20 Oct 2021 01:56 pm
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