
Sheetala Saptami 2022
Sheetala Saptami 2022 चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी पर गुरुवार को Sheetala Saptami पर्व मनाया जाएगा। इस दिन माताजी को ठंडा नैवेद्य चढ़ाकर ठंडा खाने की परम्परा है। इस दिन घरों में चूल्हे नहीं जलेंगे। इससे एक दिन पहले बुधवार को घरों में महिलाएं खाना व भोग बना कर तैयार करेंगी। वहीं, गुरुवार सुबह महिलाएं शीतला माता स्थानकों पर पूजा-अर्चना कर घर-परिवार के लोगों को निरोगी रखने के साथ सुख-शांति की कामना करेंगी।
घरों में बनेगा खट्टा-मीठा ओलिया, कैर-सांगरी
पं. जगदीश दिवाकर के अनुसार, सप्तमी तिथि 24 मार्च गुरुवार मध्य रात्रि 02:16 मिनट से 25 मार्च शुक्रवार रात्रि 12:09 मिनट तक रहेगी। इस व्रत को बास्योड़ा के नाम से भी जाना जाता है। सप्तमी पूजने वाले परिवार बुधवार को व अष्टमी पूजन वाले गुरुवार को भोग के लिए घरों में व्यंजन बनाएंगे। इनमें खट्टा-मीठा ओलिया, राबड़ी, पूड़ी, कैर-सांगरी की सब्जी, कैरी की सब्जी, मक्की के पापड़, पपडिय़ां, गेहूं की खींच, लापसी, दही बड़े आदि शामिल हैं। गुरूवार को महिलाएं सज-धजकर रंग निवास स्थित शीतला माता मंदिर व शीतला माता स्थानकों पर पहुंचेंगी व पूजा- अर्चना करेंगी। शीतला माता को ठंडा नैवेद्य चढ़ाएंगी। इस दौरान माता जी को कोरा दीपक व बिना जली अगरबत्ती चढ़ाई जाती है। माताजी को महिलाएं आटे से बने जेवर,चूडिय़ां आदि चढ़ाती हैं। माता की पूजा के बाद पथवारी की पूजा की जाती है।
होली का वार होने से कुछ अष्टमी पर भी करेंगी शीतला पूजन
जो लोग मेवाड़ में बाहर से आकर बस गए हैं, वे शीतला सप्तमी पूजते हैं, जबकि मेवाड़ के लोग शीतलाष्टमी पूजते हैं। ऐसे में अष्टमी पूजन शु्क्रवार को किया जाएगा। वहीं, कई महिलाएं होली के वार को देखते हुए यानी होली के दिन गुरूवार था, इसलिए सप्तमी पूजन गुरूवार को नहीं कर के शुक्रवार को करेंगी। वहीं, मेवाड़ में शीतला अष्टमी पूजन की ही परंपरा है। अष्टमी पर सिटी पैलेस से पारंपरिक रूप में लवाजमा शीतला माता मंदिर पहुंचता है। माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर नैैैवेद्य चढ़ाया जाता है।
Published on:
23 Mar 2022 02:44 pm
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