
स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के इस दल ने मलखम्भ में अपनी दैहिक लोच का रोमांचकारी प्रदर्शन किया।

शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर कार्यक्रम की शुरुआत वाद्यों के परिचय से हुई। बाद में पेरावेली दल ने राग हंस ध्वनि में गणेश वंदना, राग मालकौंस में पल्लवी की प्रस्तुति और राग मालिका स्वर कल्पना से दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए।

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शाम को मुक्ताकाशी रंगमंच पर कार्यक्रम की शुरुआत वाद्यों के परिचय से हुई। बाद में पेरावेली दल ने राग हंस ध्वनि में गणेश वंदना, राग मालकौंस में पल्लवी की प्रस्तुति और राग मालिका स्वर कल्पना से दर्शक मंत्र मुग्ध हो गए।

स्कूल कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं के इस दल ने मलखम्भ में अपनी दैहिक लोच का रोमांचकारी प्रदर्शन किया।

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