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सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं धर्मग्रंथ

- ब्रह्माकुमारी संगठन में राष्ट्रीय संत सम्मेलन संपन्न

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सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं धर्मग्रंथ

सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं धर्मग्रंथ

माउंट आबू. ब्रह्माकुमारी संगठन में धार्मिक सेवा प्रभाग की ओर से आध्यात्म से विश्व का नवनिर्माण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन सोमवार को विभिन्न परिचर्चाओं के साथ संपन्न हुआ।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए महामण्डेलश्वर ज्ञानस्वरूपानंद अक्रिय ने कहा कि धर्मग्रंथ मानव को सत्य व अहिंसा का पाठ पढ़ाते हैं, लेकिन उन शिक्षाओं को मन की भूमि पर अंकुरित करने के लिए शिव परमात्मा से संबंध जोडऩा जरूरी है। अयोध्या से आए ब्रह्मर्षि महेश योगी ने कहा कि प्रेम, सत्कार, सदभावना, भाईचारे का प्रकाश फैलाने का कार्य बिना समर्पणता के नहीं हो सकता है। विश्व सेवा में समर्पित ब्रह्माकुमारी संगठन की सेवाओं का प्रकाश जन-जन के जीवन को प्रकाशित कर रहा है।
ऋषिकेश से आए महामंडलेश्वर अभिषेक चैतन्य ने कहा कि नए विश्व के निर्माण की नींव आध्यात्म है। भोगवाद की चपेट में आकर शोषण की बढ़ती प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना चुनौतीपूर्ण कार्य है, लेकिन ब्रह्माकुमारी संगठन का दार्शनिक शास्त्र समाज में असंतुष्टता, दुरूख, दरिद्रता, रोग, प्रतिशोध की भावना के अंधकार को समाप्त करने में अहम भूमिका अदा कर रहा है।
बनारस से आई राजयोगिनी सुरेंद्र बहन ने कहा कि विश्व को नई राह दिखाना ही संत, महात्माओं का कर्तव्य है। महाराष्ट्र से आए ब्रह्मदेव दिव्यप्रकाश स्वामी प्रबोधानंद ने कहा कि मोहग्रस्ति दुरूखी व्यक्ति के मन को सच्ची शान्ति की अनुभूति के लिए अध्यात्म का सहारा लेना होगा।
प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्षा राजयोगिनी मनोरमा बहन ने कहा कि परमात्मा का ज्ञान आत्मा को समर्थ बनाता है। सम्मेलन में साध्वी शान्त चेतन आनंद, सत्य साई सेवा संस्थान के जयाभगत, प्रभाग संयोजिका बीके ऊषा बहन, प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके रामनाथ, भरतपुर से आई राजयोगिनी बीके कविता बहन आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
माउंट आबू. धार्मिक सेवा प्रभाग सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते संत ।


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