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स्काडा सिस्टम अपडेट नहीं होने पर नाराजगी, जल्द सुधार के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, अधिशासी अभियंता अखिल गोयल और स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा मौजूद रहे।

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उन्होंने पाया कि कई प्लांट्स में स्काडा सिस्टम पूरी तरह अपडेट नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सिस्टम अपडेट करने और इसका एक्सेस नगर निगम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

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निगम आयुक्त ने किया शहर के एसटीपी का निरीक्षण

उदयपुर. नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने शनिवार को आयड़ नदी किनारे स्थापित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि कई प्लांट्स में स्काडा सिस्टम पूरी तरह अपडेट नहीं है। इस पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सिस्टम अपडेट करने और इसका एक्सेस नगर निगम को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि निगम कार्यालय से ही सभी प्लांट्स की दैनिक कार्यप्रणाली, जल शोधन की स्थिति और अन्य तकनीकी जानकारी की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता मनीष अरोड़ा, अधिशासी अभियंता अखिल गोयल और स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा मौजूद रहे।

तीनों प्लांट्स का किया निरीक्षण

आयुक्त ने बताया कि आयड़ नदी को दूषित पानी से मुक्त करने के उद्देश्य से कारजाली हाउस, एकलिंगपुरा और एफसीआई गोदाम क्षेत्र में नगर निगम व हिंदुस्तान जिंककी ओर से विभिन्न क्षमताओं के एसटीपी स्थापित किए गए हैं। इन प्लांट्स में सीवरेज के प्रदूषित पानी का शोधन कर पुनः उपयोग किया जाता है तथा शेष साफ पानी नदी में छोड़ा जाता है।

जल्द पूरा हो मरम्मत का काम

सबसे पहले उन्होंने कारजाली हाउस स्थित 5 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट का निरीक्षण किया, जहां क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत चल रही है। आयुक्त ने मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर प्लांट को सुचारु करने के निर्देश दिए। इसके बाद एकलिंगपुरा स्थित 20 और 25 एमएलडी क्षमता वाले दो प्लांट्स तथा एफसीआई गोदाम स्थित 10 एमएलडी प्लांट का निरीक्षण किया गया।

रिकॉर्ड संधारण में सुधार के निर्देशआयुक्त ने ऑफलाइन और ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया और सभी प्रक्रियाओं का समयानुसार व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए, ताकि निरीक्षण के दौरान अधिकारी रिकॉर्ड देखकर तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकें।

स्काडा सिस्टम का कार्य

स्काडा सिस्टम के माध्यम से सीवेज के बहाव, पीएच स्तर, ऑक्सीजन स्तर और दूषित पदार्थों की मात्रा की लगातार निगरानी की जाती है।